Saturday, 7 June 2014

तेरा गुरुर भी टूटेगा

अभी टुटा है वहम मेरा ,
रुक तो जा जरा तेरा गुरुर भी टूटेगा।

शराब हराम

शराब पी के मैं नहीं बहकता ,
पर उनको देख कर बहक जाता हूँ मैं।

फिर कैसे कहु की शराब हराम है।

तब एक दोस्त ने बताया शराब तो हराम है ही वो भी हरामजादी हो ये अलग बात है

रिलेसन

एक बड़े नेता जी ने एक सुन्दर बाला से अपने रेलेसन होने की बात की तो सब जगह बबाल मच गया ।

इस बात से मैं भी बड़ा डरा हुआ हूँ क्युकी कई सुन्दर कन्याओ से मेरा भी रिलेसन है।

दरसल लडकिया बिना सोचे समझे भैया कह देती है । तो और कुछ तो नहीं पर भाई बहन का रेलेसन तो बन ही जाता है ।

फैशन की इन्तहा

फैशन की इन्तहा हो गयी यार ।

साड़ी के साथ मैचिंग नेल पालिस चप्पल इयर रिंग नेक्लेश वगेरह तो देखा सुना था ।

आज देखा साड़ी के साथ बच्चे के कपडे भी मैचिग मैचिग होनी चाहिय ।

खोपड़ी घूम गयी बाप ।।

अच्छे दिन आने वाले है

एक भाजपा के मित्र मिल गए मैंने कहा अब तो कुछ देर की बात है सरकार बदलने वाली है।

उन्होंने कहा नहीं मैं तो शादी सुदा हु हमारे घर में लोकतत्र नहीं राज तंत्र है। जब से लाल तिलक किया है घर में बीबी का राज चलता है।

टेलीफोन बिल भी उनका ही आता है कॉमन वेल्थ भी वही खाती है। यानि ए रजा भी वही है और कलमाड़ी भी वही।
मुझे तो अब भी मनमोहन की तरह चुप चाप जो बुरा हुआ घर में उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी है।

अच्छे दिन तो मेरे आने वाले है नही ।

मैं सोच रहा था अगर पूर्ण बहुमत की मोदी सरकार बनी सच में अच्छे दिन
आ गये।

यानी कम से कम और 5 साल मेरी शादी नहीं हो सकती।

काग्रेस की हार की जिम्मेदारी

काग्रेस की हार की जिम्मेदारी सोनिया गाँघी जी ने ली। राहुल जी ने भी बेसर्मो की तरह हँसते हुए माना की वो जिम्मेदार है।

पर असल में देखा जाय तो मनमोहन सरकार की की विफलता का जिम्मेदार कौन है ।

सोनिया गाँधी- नो never सभी जानते है वो सरकार का हिस्सा नहीं थी।

राहुल गाँधी - नहीं कभी नहीं वो तो खुद हमेशा कहते रहे है की वो भी सरकार के हिस्सा नहीं है। चुनावी कुछ महीनो की छोड़ दे तो लगा भी यही।

मनमोहन सिंह - नो नो नो नेभर , ये तो बेबकुफो वाली बात होगी आपको लगता है की वो किसी बात की जिम्मेदारी ले रहे थे।

भैया राम भरोशे सरकार चल रही थी तो जिम्मेदार भी राम ही होना

खैर भाजपा की सरकार आई है फिर लोगो को उम्मीद होगी राम मंदिर बनेगा।
और मोदी जी के राज में राम राज होगा।
पर आम आदमी तो बेचारी सीता है राम राज भी आया तो बनवास ही नसीब होगा ।

चार लोग

बचपन से ये समस्या बनी हुई थी मम्मी जी हमेशा कहती थी ये मत करो वो मत करो , ऐसा मत करो वैसा मत करो ।

चार लोग क्या कहेगे......

बड़ा विकट सबाल था की ये कौन से चार लोग है ।अभी आम आदमी पार्टी से चार सांसद जीते है ।

कही ये वही चार तो नहीं ।।।!!!