Saturday, 20 July 2013

aanshu ki bikri

Aaj sabere jaga to gali me se awaz aayi
"ANSHU LE LO ANSHU "

Main chouka yaar aaj tak to plastic ke dabbe bikte dekhe the , mahgi kalin bechne wale aate the..
Maine bechne wale ko bulaya or pucha kya wo filmo me anshu nukalne wale glisrin bech raha hai...

Bolo nahi sahab wo to nakli anshu hai main to asli anashu bechta hu...

Maine pucha par ese kharidta kon hai ..
Wo has kar bola kya bat karte ho sahab aaj kal ashuwo ka hi to bazar hai..

Admi petrol , sabzi, har chiz mahgi hai ab to admi ro bhi nahi sakta to anshu bhi karidne ki jarurat padti hai..

Main abak uska muh takte rah gaya.. fir kaha kon kon se anshu hai tumhare pas
Use ek sunahri sisi nikali or kha esme wo anshu hai jo ladkiya sadi ke wakt mekup kharab hone ke dar se nahi bahati..

Gulabi sisi dikhayi kaha ye wo anshu hai jab kisi ke sapne tutte hai wo leta hai, premi premika , sadi suda logo me eski bikri jabar dast hai sab..

Lal sisi dekhai ye wo anshu hai jab kahi bam fatta hai, dhar ke nam par marta hai par log ro nahi pate ..

Hari or kesariya sisi dekhai kaha chunaw ke samay ese neta kharidte hai..

Ek safed sisi dekhai kaha esme unke liye anshu hai jinke ankho ka pani mar chuka ho !!

Maine kaha safed sisi ki kimat kya hai..

Wo bola eski kimat kya doge sahab aapka jamir jag jay.. masum bacho ki mout par anshu bhig jay, bhukhe garib ko dekh kar rona aa jay..to aap bhi do char bund myjhe de dena...

Main anshu bechta jarur hun anshu ka wayapari nahi

प्रपोज

सोच रहा था की अगर मुझे किसी लड़की  को प्रपोज करना पड़े तो कैसे करुगा !

ये भी सच है की प्रपोज करने के लिए सोचने की क्या जरुरत है ,. जरुरत तो है बॉस एक तो मेरी ऐसी उम्र रही नहीं की टाइम पास की जाय , अब तो अगर होनी है तो फूल एंड फाइनल ही होनी है !

प्रेम का फूल एंड फ़ाइनल मीन्स प्रेमिका का पत्नी हो जाना , और पत्नी का हार्डडिस्क इतना तगड़ा होता है की प्रपोज में कही हुई बातों को जीवन भर याद रखती है ,

,अब भोला आदमी जज्बात में बह कर कुछ बोंल गया तो उसे याद रखने की क्या जरुरत है !

वैसे तो प्रपोज में कही जाने वाली बाते है :-
# झील सी आंखे है तेरी – मुझे तो तैरना नहीं आता तो झील समझ के उसमे उतरु कैसे !
# आंखे नशीली  - नशे में बहक गए तो , ऐसे ही कुछ लोग पियाक्कर समझते है !
# रेशम से बाल – ये रेशम खाने में मिलने पर पता चलता है ! फिर पता चलता है रेशम क्यों कहा !
# होठ रसीले – गर्ल फ्रेंड जब तक चुप तो रस मीठे रहते है मुह खोला तो मिर्ची का जूस !
# हिरनी सी चाल – अब लडकी चार पैरों पर चलते हुए कैसी नज़र आयगी ! और दो पैरों से कोई हिरनी सी कैसे चल सकती है !

बाम अंगगिनि



हिंदू  विवाह नियम के अनुसार पत्नी का स्थान पति के पाए होता है क्यों ?
कभी शादी के सात वचन सुनिए गा ही , वो वचन क्या होता है धमकी होती है, ये करो तो बाये आ जाऊ वो करो तो बाये आऊ, मैं तो सोचता हूँ क्या फर्क पड़ता है , दाये रहे या बाए , पाव पर कुल्हाड़ी मारो या , कुल्हाड़ी पर पाँव काटना तो पैर को ही है !

पत्नी का स्थान बाए होने पर मैंने एक शोध की है प्रतुत है रिपोट –

१ . पहली बात चुकी मैं वाणिज्य का छात्र रहा हूँ तो मुझे पता है बही खाते में खर्चे को बायीं तरफ रखा जाता है ,,, तो खर्चे की मशीन को बायीं तरफ तो मिलनी ही चाहिए !

२. जिंदगी एक सफर कहा गया है , ट्रेफिक रुल है बाये सेफ जोन है , समझदार लोग बाये ही चलते है !

३ सबसे इम्पोटेंट बात
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दिल भी तो बाये ही होता है यार !

Tuesday, 16 July 2013

sunil jogi

होठों पे मोहब्बत का तराना नहीं रहा
पहले की तरह दिल ये दीवाना नहीं रहा
मुद्दत के बाद आज ये मन फिर उदास है
लगता है कोई दोस्त पुराना नहीं रहा।


कहाँ मिलते हैं भला साथ निभाने वाले
हमने देखे हैं बहुत छोड़ के जाने वाले
यहाँ कुछ लोग दिखावा पसंद होते हैं
दिल मिलाते ही नहीं, हाथ मिलाने वाले


जो नहीं होता है उसका ही ज़िकर होता है
हर इक सफ़र में मेरे साथ में घर होता है
मैं इक फ़कीर से मिलकर ये बात जान गया
दवा से ज़्यादा दुआओं में असर होता है।
 


मैं बेघर हूँ, मेरा घर जानता है
बहुत जागा हूँ, बिस्तर जानता है
किसी दरिया को जाकर क्या बताऊँ
मैं प्यासा हूँ, समंदर जानता है।
 

Monday, 15 July 2013

" आज खाने में क्या बनेगा "

एक अंतरास्ट्रीय प्रश्न है की --

" आज खाने में क्या बनेगा "

रोज यक्ष प्रश्न की तहर सामने खडी हो जाती है , रोटी तो कॉमन है ! सबाल सब्जी का है अपनी औकात और स्वाद के बीच ये निर्णय लेना होता है की कौन सी सब्जी बनायीं जाय !

यही वो सबाल भी है जिसके माध्यम से पत्नी दिन भर में एक बार पति की बेजती का ओरयेंटेसन करती है , पति को उसकी औकात बताती है की बड़े पति बने फिरते हो , तुम्हारी औकात इतनी नहीं की अपनी पसंद की सब्जी खा सको !

अब हम जैसे कुवारे की हालत तो ऐसी है "नंगा नहायगा क्या और निचोरेगा क्या "

खैर उनकी तो सिर्फ बेजती से काम चल जाती है हमें तो बनाना भी पड़ता है !

आज तो सब्जी खरीदते हुए गजब हो गया मैंने बड़ी हिम्मत करके टमाटर का भाव पुछ लिया ! सब्जी वाली ने पहले तो ऊपर से निचे तक घूरा , फिर बताया 8 रूपये के सौ ग्राम , मनो कहा हो इससे ज्यादा तो लेने की हेसियत तेरी लगती नहीं !

मुझे तो इस बात का डर था की कही भाव पूछने के 2 रूपये ना माग ले !

सच में यार इतनी बेइजती तो तब भी महसूस नहीं हुए थी जब गर्ल फ्रेंड भैया कह के निकल गयी थी !

Friday, 12 July 2013

प्रेम में आई लव यू

 "आई लव  यू "प्रेम का मूल एक मूल मन्त्र हुआ करता था ,

प्रेम  बहुत तरह की होती है ये इश्क वाले प्रेम सिम्बोल है , अब प्रेम तो घर के पालतू कुत्ते से भी करते है उसे आई लव यू कहना अजीब नहीं लगेगा !

पर आज कल तो प्रेम में इसकी हालत ऐसी हो गयी है जैसे भाजपा में आडवानी की , कांग्रेस में मनमोहन की ,
आम आदमी में आन्ना की !



ILU तो साहब प्रेम के इजहार का एक शब्द ना हुआ सत्यनारायण भगवान का प्रसाद हो गया तुम भी ले लो आप भी लेलो !
एक  तीर है निशाने पर लगी तो ठीक है वरना गया क्या , अपन दूसरे जगह ट्राय कर लेगे ! तर्क होता है की जमाना बदल गया ! क्या बदल गया प्रेम का फील बदल गया !

माँ अगर जींस पहन ले तो क्या माँ नहीं रही क्या !

दोस्ती और प्रेम दोनों ही पवित्र रिश्ते है , दोनों की अपनी अपनी मर्यादाये है ,

 इश्क दोस्ती मिल सकती है पर दोस्ती में इश्क नहीं विस्फोट होगा और इसकी मर्यादा ध्वसत हो जायगी !

कहते है प्रेम तो कभी भी हो सकता है , ये मान लेते है पर ये किसी से भी होने लगे तो भैये दिमाग में केमिकल लोचा है !
प्रेम और दोस्ती दोनों विश्वास के डोर से बंधी होती है , एक बार ये टूट जाय तो बड़ी मुश्किल होती है ! जाहे दुनिया के सारे मंदिर मस्जिद तोड दिए जाय जब तक विश्वास जिन्दा है तब तक इश्वर है !

रहीम ने कहा है ,
रहिमन धागा प्रेम का मत तोडो चटकाय ,
टूटे तो ये जुड़े नहीं , जुड़े तो फिर गाठ पड़ जाय !!!


Tuesday, 9 July 2013

सिनेमा

हिंदी सिनेमा की एक बात समझ नहीं आती जब हीरो हिरोइन में प्यार होता है तो गाना क्यों गाने लगते है !
आप ही बताये किसी को पाँव भर जलेबी मिलेगी तो बाँदा खायगा की गाना गायगा !

पुरानी फिल्म में तो सबसे बड़ी विलंन माँ ही होती थी , जब पता है की बेटे ने किसी गुंडे से पंगा ले लिया है , गुंडा बड़ा है तो ये नहीं होता की कुछ दिनों के लिए शहर से बाहर चली जाय !

नहीं बेटे को मुसीबत में देखने का जैसे उन्हें शौख हो !

होरोइन की एक बात समझ नहीं जो गुंडा उसका बलात्कार की कोशिश कर रहा था उससे बचाने हीरो आ गया ! अब गुंडा हीरो को मार रहा है तो उसका भी फ़र्ज़ बनता है की नहीं ! कही से लाठी खोज कर ले आये और मदत करे !

लोकतंत्र

बचपन  में नागरिकशास्त्र में पढ़े थे --
लोकतंत्र " जनता के लिए जनता द्वरा बनाया गया शासन व्यबस्था है !"

सच कह रहा हूँ हमें तो लगता है हम बचपन से चू#@% बन रहे है !

कोई बता सकता है पिछले ६५ सालो में ऐसी घटना कब और कहाँ हुई है !

हमारे देश में तो जो कानून बनाते है उनपर ही वो कानून लागु नहीं होता ! जिनपर लागु होता है वो कानून जानते नहीं ! और जो कानून जानते है वो मानते नहीं !

मनमोहन सिंह

जब कोई माननीय ( माना ही तो गया है ) एवं आदरणीय प्रधान मंत्री  मनमोहन सिंह को भला बुरा कहता है तो बहुत बुरा लगता है !

मुझे तो लागता है उनको बुरा कहने वाले को तो भ्रूण हत्या जैसा पाप लगेगा !

भले आदमी है गया में बम फटा तो उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा की..... और कर भी क्या सकते थे !

थोडा देर सबेर ही सही पर हर घटना की निंदा तो वो कर ही देते है !जिस काम के लिए उन्हें रखा गया है वो काम ईमानदारी से कर तो रहे ही है !

ऐसा नहीं है जब कई घटना हो गयी तो उन्होंने इस्त्फा दे दिया था पर बेचारे भोले आदमी है अपना इस्त्फा मलेशिया के राष्ट्रपति को शौप दिया ! अब वो घटना के वक्त वही थे तो वही दे दिया कहाँ इतनी दूर आते ! अब उनपर कोई एक्शन नहीं हुआ तो इसमे उनकी क्या गलती है !

अभी पिछली एक घटना पर उन्होने कहा  " जिसने भी ऐसा किया उनके साथ ठीक नहीं होगा "

एक पत्रकार ने पूछ लिया तो क्या होगा उनके साथ ?
वो बोले मुझे क्या पता यार मुझसे तो यही कहने कहा गया था !

भोले आदमी है #ठीक है

प्रेम क्या है ????

प्रेम क्या है ?

प्रश्न गंभीर है विकट है , जो प्रेम को जानता है उसके साथ समस्या ये होती है की उसे कोई प्रेम करने वाला नहीं होता !
जिसको प्रेम करने वाला होता है वो प्रेम को जनता नहीं !

लोग कहते है प्यार का एक शब्द अधूरा है विकलाग है पर प्रेम तो सागर से भी गहरा है नव से भी ऊँचा है

प्रेम की परिभाषा होगी प्रेम " प्रेम " ही है ! जो कभी होता है कभी नहीं भी होता ! ये टाइम पास का उत्क्रिस्ठ साधन है !
ये वोट की तरह है जब तक मिल नहीं जाती तभी तक इसकी अहमियत रहती है !

एक शोध कहता है की जो लड़की प्रेम में असफल हो जाती है वो B. Ed कर लेती है ! और अध्यापिका बन जाती हा और जो लड़का प्रेममें असफल होता है वो तो कही का नहीं रहता !

मैं तो कहता हूँ सच्चा आशिक वो है जो प्रेमिका से उधार ले और कभी नहीं चुकाए ! लोग प्रेमी को भूल जाते है पर जिसने उधार लिया उसे कोई नहीं भूलता !

Monday, 8 July 2013

याद ..................



आज सबेरे जब काम पर निकल रहा था तो लगा की कोई रोक लेगा मुझको ! आटा सने हाथ लिए माँ रसोई से निकलेगी ! एक वही थी जो मेरी हर बात को बिना कहे समझ जाती थी ! मैं देखता रहा रसोई की तरफ वहाँ कोई ना था !

पर अब कोई नहीं होता तन्हाई में सन्नाटो से ही तो बाते होती है , अब कोई नहीं कहता पानी बैठ कर पिया करो , खाना जल्दी में मत खाया करो , अब नज़र नहीं उतारी जाती ! अब कोई नहीं कहता बाईक धीरे चलाना , ठीक से रहना, घर समय पर आ जाना !

मैं कहता रहता हर बात पर टोका ना करो मम्मी , पर आज जब देर से जगता हूँ तो सोचता हू कोई टोकता क्यों नहीं ! आज जो मर्जी हो करता हू पर मर्ज़ी नहीं होती !
देर से घर जाने पर कोई बहाने नहीं सुनता , दोस्तों के साथ जाने पर ताने नहीं देता , अब कोई नहीं कहता तुम कब सुधरोगे बड़े हो गए हो क्यों नहीं समझते ! गुस्से में भी तू सदा खुश रहे ही दुआ नहीं दी जाती ! अब मेरी बलाए नहीं ली जाती !
खुशकिस्मत है वो लोग जिनकी माँ साथ है !
मैं तो बेटा होने का फ़र्ज़ निभा आया जो मुह मुझे चुमते थकती ना थी उसे अपने ही हाथो से जला आया ! बरसो बीत गए पर मरने के बाद भी वो मुस्कराता चेहरा याद है जैसे कह रही हो बेटा खुश रहना हस्ते रहना !

यु तो ज़माने के साथ हस लेता हूँ हँसा लेता हूँ !
यु कर के ये करता हूँ की  अपना दर्द छुपा लेता हूँ !

Thursday, 4 July 2013

प्यार का कोटा

प्यार का एक और खूबसूरत अहसास

पति पत्नी का प्रेम !!!

विदेशो में पति पत्नी बहुत प्यार करते है , रोड पर प्यार करते मिल जायगे , रेल में प्यार करते मिल जायगे ! इंडिया में पति साला घर में प्यार नहीं करता ! विदेशो में पति इतना प्यार करते है की २ साल में प्यार का कोटा खतम हो जाता है और फिर तलाक हो जाता है ! इंडिया में रात में प्यार करे तो दिन में सर फोड ले कोटा पूरा ही नहीं होता और सात जन्मो तक झेलते रहता है !  भारत में पति पच्चीसवी सालगिरह मनाता है जब की अमेरिका में पच्चीसवी के साथ सालगिरह मना रहा होता है !


मैं तो कहता हूँ अपनी पत्नी से खूब प्यार करो दिन रात प्यार करो ताकि प्यार का कोटा इसी जन्म में पूरा हो जाय नहीं तो अगर कोटा पूरा नहीं हुआ तो सत्तर जन्मो तक पीछा नहीं छुटने वाला !

अगरअगले जन्म में नयी बीबीचाहिए तो इस जन्म में कोटा पूरा करना जरुरी है ! कोटा पूरा हुआ तो अगले जन्म भगवान  नयी पत्नी मिल दे देगे  !

 महिलाए भी ध्यान दे अगर आपका पति ज्यादा प्यार करने लगे तो समझ जाइये उसके मन में खोट है !!!!

बेचारी जनता

गलती हमारी है जो हम आजादी के बाद से ही किसी पार्टी को चुनते आ रहे है , अगर हम अपना अच्चा नेता चुनते तो आज हर पार्टी को अच्छे लोगो को टिकट देना होता !

तब कोई पार्टी भले हार जाती अगर देश हमेशा जीतता !

मगर आज स्थिति ये है की जनता को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला की सत्ता में कौन आता है !

राज चाहे राम का हो या राज रावण का हो जनता तो सीता है !

रावण का राज हुआ तो सीता बनवास से हर ली जायगी , राम का राज़ हुआ तो अग्नि परीक्षा के बाद फिर जंगल भेज दी जायगी !

कोई फर्क नहीं पड़ता पांडव का राज हो या कौरव का जनता तो द्रोपदी है !

कौरव राज रहा तो चीर हरण के काम आयगी ., पांडव राज रहा तो जुए में हार दी जायगी !

कोई अंतर नहीं राजा हन्दू बने या मुस्लमान , जनता तो बेचारी लाश है !
हिंदू के हाथ लगी तो जला दी जायगी , मुस्लमान के पास रही तो दफना दी जायगी !!!!

Monday, 1 July 2013

प्यार का पंचनामा


अक्सर जब कोई नया दोस्त मुड में होता है तो एक सबाल जरुर पुछ लेता है ! तुमने किसी से कभी प्यार किया है !!

तो कोई बड़ी बात नहीं है मेरे भी एक दोस्त ने पुछ लिया !
मैंने कहा ये मत पूछो यार बड़ी दर्द भरी कहानी है तुम्हारी आँखों में आँसू आ जायगे सुनकर !
उसने कहा चिंता मत करो मैं एकता कपूर का सीरयल देखता हूँ , अब तक तो आँखों का पानी भी सूख चूका होगा !

मैंने  कहा फिर भी दोस्त को रुलाने का पाप मैं क्यों लू ?

उसने  कहा घनचक्कर सीधी बात तेरी समझ में नहीं आती क्या ? अभी मैं टाइम पास के मुड में हूँ नहीं तो तेरी दो टके की लव स्टोरी कौन सुनता !

मैंने कहा बड़ी दर्द भरी कहानी है मेरी , "आज तक कोई नहीं मिली "

दोस्त बोला ये क्या बात हुई !  इसमे दर्द किधर है !!!!!!?????

बताव यार जिसे मिली और संभाल कर रख नहीं पाया उसके प्यार में दर्द दीखता है जिसे कोई मिली नहीं उसमे दर्द नहीं दीखता !!

दोस्त बोला यार तुने तो मुड का फौलुदा कर दिया सोचे थे आज तुम्हे समझानेमें इन्स्प्रेटीव शब्दों की पूरी डिक्शनरी खाली कार लेगे ! वैसे मैंने सुना था की तुम भी किसी पर मरते थे मगर कभी उससे कह नहीं पाया !

मैं किसी पर नहीं मरता , हाँ जिसे पसंद करता था उससे कहता तो वो जरुर मार डालती मुझे ! और नमक मिर्च के साथ खा भी लेती , खाना उसका सबसे फेब्रेट था , अब है की नहीं पता नहीं !

दोस्त बोला यार अगर उससे एक बार कह दिया होता आज दिल पर बोझ तो नहीं रहता !

मैंने कहा दोस्त कोई बोझ नहीं है , वो जो थी ९० किलो वजन था उसका बन्दा खाबो में भी उठा ले तो दुनिया से उठने वाली नौबत आजाये !
मैं तो अमर प्रेम करता हूँ , जिसमे मारना ना पड़े !