होठों पे मोहब्बत का तराना नहीं रहा
पहले की तरह दिल ये दीवाना नहीं रहा
मुद्दत के बाद आज ये मन फिर उदास है
लगता है कोई दोस्त पुराना नहीं रहा।
कहाँ मिलते हैं भला साथ निभाने वाले
हमने देखे हैं बहुत छोड़ के जाने वाले
यहाँ कुछ लोग दिखावा पसंद होते हैं
दिल मिलाते ही नहीं, हाथ मिलाने वाले
जो नहीं होता है उसका ही ज़िकर होता है
हर इक सफ़र में मेरे साथ में घर होता है
मैं इक फ़कीर से मिलकर ये बात जान गया
दवा से ज़्यादा दुआओं में असर होता है।
मैं बेघर हूँ, मेरा घर जानता है
बहुत जागा हूँ, बिस्तर जानता है
किसी दरिया को जाकर क्या बताऊँ
मैं प्यासा हूँ, समंदर जानता है।
पहले की तरह दिल ये दीवाना नहीं रहा
मुद्दत के बाद आज ये मन फिर उदास है
लगता है कोई दोस्त पुराना नहीं रहा।
कहाँ मिलते हैं भला साथ निभाने वाले
हमने देखे हैं बहुत छोड़ के जाने वाले
यहाँ कुछ लोग दिखावा पसंद होते हैं
दिल मिलाते ही नहीं, हाथ मिलाने वाले
जो नहीं होता है उसका ही ज़िकर होता है
हर इक सफ़र में मेरे साथ में घर होता है
मैं इक फ़कीर से मिलकर ये बात जान गया
दवा से ज़्यादा दुआओं में असर होता है।
मैं बेघर हूँ, मेरा घर जानता है
बहुत जागा हूँ, बिस्तर जानता है
किसी दरिया को जाकर क्या बताऊँ
मैं प्यासा हूँ, समंदर जानता है।
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