Tuesday, 9 July 2013

प्रेम क्या है ????

प्रेम क्या है ?

प्रश्न गंभीर है विकट है , जो प्रेम को जानता है उसके साथ समस्या ये होती है की उसे कोई प्रेम करने वाला नहीं होता !
जिसको प्रेम करने वाला होता है वो प्रेम को जनता नहीं !

लोग कहते है प्यार का एक शब्द अधूरा है विकलाग है पर प्रेम तो सागर से भी गहरा है नव से भी ऊँचा है

प्रेम की परिभाषा होगी प्रेम " प्रेम " ही है ! जो कभी होता है कभी नहीं भी होता ! ये टाइम पास का उत्क्रिस्ठ साधन है !
ये वोट की तरह है जब तक मिल नहीं जाती तभी तक इसकी अहमियत रहती है !

एक शोध कहता है की जो लड़की प्रेम में असफल हो जाती है वो B. Ed कर लेती है ! और अध्यापिका बन जाती हा और जो लड़का प्रेममें असफल होता है वो तो कही का नहीं रहता !

मैं तो कहता हूँ सच्चा आशिक वो है जो प्रेमिका से उधार ले और कभी नहीं चुकाए ! लोग प्रेमी को भूल जाते है पर जिसने उधार लिया उसे कोई नहीं भूलता !

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