गलती हमारी है जो हम आजादी के बाद से ही किसी पार्टी को चुनते आ रहे है , अगर हम अपना अच्चा नेता चुनते तो आज हर पार्टी को अच्छे लोगो को टिकट देना होता !
तब कोई पार्टी भले हार जाती अगर देश हमेशा जीतता !
मगर आज स्थिति ये है की जनता को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला की सत्ता में कौन आता है !
राज चाहे राम का हो या राज रावण का हो जनता तो सीता है !
रावण का राज हुआ तो सीता बनवास से हर ली जायगी , राम का राज़ हुआ तो अग्नि परीक्षा के बाद फिर जंगल भेज दी जायगी !
कोई फर्क नहीं पड़ता पांडव का राज हो या कौरव का जनता तो द्रोपदी है !
कौरव राज रहा तो चीर हरण के काम आयगी ., पांडव राज रहा तो जुए में हार दी जायगी !
कोई अंतर नहीं राजा हन्दू बने या मुस्लमान , जनता तो बेचारी लाश है !
हिंदू के हाथ लगी तो जला दी जायगी , मुस्लमान के पास रही तो दफना दी जायगी !!!!
तब कोई पार्टी भले हार जाती अगर देश हमेशा जीतता !
मगर आज स्थिति ये है की जनता को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला की सत्ता में कौन आता है !
राज चाहे राम का हो या राज रावण का हो जनता तो सीता है !
रावण का राज हुआ तो सीता बनवास से हर ली जायगी , राम का राज़ हुआ तो अग्नि परीक्षा के बाद फिर जंगल भेज दी जायगी !
कोई फर्क नहीं पड़ता पांडव का राज हो या कौरव का जनता तो द्रोपदी है !
कौरव राज रहा तो चीर हरण के काम आयगी ., पांडव राज रहा तो जुए में हार दी जायगी !
कोई अंतर नहीं राजा हन्दू बने या मुस्लमान , जनता तो बेचारी लाश है !
हिंदू के हाथ लगी तो जला दी जायगी , मुस्लमान के पास रही तो दफना दी जायगी !!!!
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