Thursday, 20 November 2014

बेरुखी पर शायरी

उसकी बेरुखी पर जी चाहता है ,
चार शायरी हम भी पेल दे ग़ालिब !

अर्ज़ है

उसकी बेरुखी पर जी चाहता है ,
चार शायरी हम भी पेल दे ग़ालिब !

फिर सोचता हूँ जाने दो क्यों बिलावजह खोपड़ी खपाए !!!!

मोर्निग वाक

मोर्निग वाक में स्वक्ष हवा मिलती है या नहीं ये तो पता नहीं
सबेरे सबेरे नहाई धोयी लडकियों को देख कर मन स्वक्ष जरुर हो जाता है

"दुनिया के पतियो, एक हो जाओ।''

कुछ हास्यरस का लेख समझकर मेरे इस मार्मिक निबंध को भी हंसी में दरगुज़र करना चाहें,पर मैं एकदम गंभीर भाव से कहता हूं कि ऐसा करना मेरे साथ नहीं, मेरी महान पति-बिरादरी के साथ भी अन्याय का कारण होगा।
सबकी सुनवाई है, पति गरीब की नहीं।देखिए, मालिक के मुकाबले में आज मजदूर को शह दी जाती है, सवर्ण के मुकाबले में अवर्ण तरज़ीह पाता है और गोरों के मुकाबले दुनिया की सहानुभूति कालों के पक्ष में तो हो सकती है, लेकिन पत्नी के मुकाबले में कोई भी निष्पक्ष न्यायाधीश बेचारे पति की हालत पर विचार करने को तैयार नहीं है।
घर में पत्नी के आते ही एक ओर मां, बहन और भाभी की तरफ से खुलेआम जोरू का गुलाम कहना आरंभ कर दिया है। पुरुषो को यह तसल्ली भी नहीं कि कम-से-कम घरवालों की इस घोषणा से श्रीमतीजी को तो प्रसन्नता होगी ही। उलटा उनका आरोप यह होता है कि हम मां, बहनों और भावजों के सामने भीगी बिल्ली बन जाते है ! मां कहती है कि लड़का हाथ से निकल गया, बहन कहती है भाभी ने भाई की चोटी कतर ली।लेकिन पत्नी का कहना होता है कि तुम दूध पीते बच्चे तो नहीं, जो अभी भी तुम्हें मां के आंचल की ओट चाहिए।
पतियों के जुल्म के दिन तो हवा हुए। अगर हमें मानवता की रक्षा करनी है तो पहले सब काम छोड़कर पत्नियों के जुल्मों से असहाय पतियों की रक्षा करनी होगी।आप न जाइए यू.एन.ओ., न बैठाइए जांच कमीशन, न कीजिए पंच फैसला, खुद ही अपनी-अपनी अक्ल पर थोड़ा ज़ोर डालकर सहानुभूति से इस मसले पर विचार कीजिए, तो मेरी बात को सच पाइएगा।
तनख्वाह लाकर सीधे पहले घर में देनी है,
धोबी, कैंटीन और रेस्तरां के बिल सब वाहियात हैं।
रात को नौ बजे सोने और सुबह छः बजे उठने की मुझे सख्त ताकीद होती है।
ज्यादा चाय पीने, देर से घर लौटने और कभी सिनेमा-थियेटर का ज़िंक्र करने पर तो खास तौर की सजाएं निश्चित होती है !
किस-किस प्रकार के और किन-किन लोगों से दोस्ती रखनी है, कैसे-कैसे लोगों के घर जाना है और किन-किन को घर बुलाना है।
अब ज़िंदगी किसकी खराब हुई है, इसका फैसला आप खुद करें। खुदा के लिए इस प्रश्न को वर्ग-संघर्ष का, बिरादरी का या अपने मान-अपमान अथवा स्वार्थों और हितों का न बना दें। यह भी सोचें कि पति भी आख़िर मनुष्य है। भगवान ने उसे भी दिल और दिमाग दिया है। इस नई रोशनी ने उसमें भी तमन्नाएं भर दी हैं। वह भी दूसरों की तरह न्याय का हकदार है।
अगर आपने घर में ही इस मसले को हल नहीं किया तो वह दिन दूर नहीं जब पति लोग पत्नियों के दमन के विरुद्ध बगावत कर देंगे और पत्नियों की इस मीठी नादिरशाही को ख़त्म करने के लिए उनका नारा होगा, "दुनिया के पतियो, एक हो जाओ।''

पंखा चलाना चाहिए या नहीं ।

अक्टूबर नवम्बर के महीने में अपनी स्थिति पहले प्यार में धोखा खाए लोग जैसी हो गयी है ।
रात कश्मकश में कट जाती है पंखा चलाना चाहिए या नहीं ।
कल तक जिस पंखे से हवा न दे पाने की शिकायत थी वो भी सबसे कम में हवा तेज़ दे रही है ।
और पंखा बंद कर दो तो मच्छर कटते है । कम्बल तान लो गर्मी लगती है । गर्मी से बचने के लिए पैर बहार निकालो तो फिर मच्छर टूट पड़ते है ।
पूरी रात छुपन छुपाई खेलने में निकल जाती है ।

कुछ समझ में नहीं आता कोई बस इतना बता दे इस मौसम में पंखा चलाना चाहिए या नहीं ।

हनीमून

हनीमून के बारे में सोच रहा था , हनीमून से मेरा परिचय बहुत बचपन में 3-4 साल की उम्र में ही हो गया था जब चाचा जी की शादी हुई वो हनीमून मानाने जा रहे थे तो मैं भी जिद पर अड़ गया की मैं भी जाउगा हनीमून मंनाने !
माँ ने प्यार से समझया की अच्छे बच्चे हनीमून नहीं मानते ! और फिर मुझे बहलाने हनुमान जी के मंदिर ले जाया गया , तभी से मैं भी जनता हूँ की हनुमान जी हनीमून विरोधी है !
हलाकि उनके भक्त और पुजारी के बीच अब इस मामले में मतभेद नज़र आता है इसकी वजह महिला भक्त है जब महिला भक्त हनुमान जी के दर्शन को आती है इस बीच पुजारी उनके दर्शन करने में लग जाते है !

खैर बात हनीमून की हो रही थी तो ये संबेधानिक रूप से शादी के बाद मनाया जाता है ! और अगर शादी एक जीवन का अंत है तो हनीमून की जगह कश्मीर से बेहतर क्या होगी क्युकी कश्मीर के लिए किसी ने कहा है "अगर धरती पर अगर कही जन्नत है तो यहीं है"

कश्मीर में आतंकवाद का एक कारण ये भी हो सकता है की सब लोग वहां हनीमून मानाने पहुच जाते है ! वहां के लोगो को लगता होगा की सब ने इसे हनीमून का अड्डा बना दिया है जिससे धरती नापाक हो रही है और इसी चक्कर में कश्मीर को पाक बनाना चाहते हो !
वैसे आतकवाद और शादी में कोई बहुत ज्यादा अंतर भी नहीं होता ! शादी के कुछ दिन बात से धर में भी विष्फोट हमले दह्सतगर्दी शुरु हो ही जानी है फिर तो घर का माहोल भी कश्मीर सा हो जाना है तब मना लो हनीमून !

Tuesday, 18 November 2014

पहला सफ़ेद बाल

आज पहिला सफ़ेद बाल दिखा कान के पास काले बालो के बीच झाकते रजत तार ने सहसा मन को जिक्झोर दिया !
ऐसा लगा पार्क के घूमते हुए अचानक झाड़ी से शेर निकल आया हो !
अपने कान्हा को दृदय से लगाये राधा को अपने बाप के दर्शन हो जाय !

रोज आत्म रीती से आईने में घुघराले काले केशो के देख कर सवार कर  प्रसन्न होता था !पर आज यह सफ़ेद बाल कान में फूस फुसा उठा " भाई मेरे एक बात कांफिडेंस में कहू अपनी दूकान अब समेटना शुरू कर दो !

तभी से दुखी हूँ ज्ञानी कहेगे जो आवाश्यम्भावी है उसे होने पर क्या दुःख !  मौत तो निश्चित है तो क्या जीवन भर समसान में अपनी चिता रचते रहे ! वो क्या कम ज्ञानी थे जो मरणासन्न लक्ष्मण को गोद में रख कर विलाप कर रहे थे !
दुःख है पर दुखी नहीं हूँ मैं मुझे गुस्सा है आईने पर वैसे तो यह बड़ा दयालु है हमेशा मुझे मेरा चेहरा सुधार कर दिखता रहा है आज अचानक क्रूर कैसे हो  क्या एक बाल को छुपा नहीं सकता था ! अगर यह न दिखता तो कौन  सा इसकी ईमानदारी पर कलंक लग जाता !
मगर आईने का क्या दोष बाल तो अपना सफ़ेद हुआ है जिसे सर पर रखा अपने शारीर का रस पिलाया वो धोखा दे गया !
उखाड़ तो दुगा इसे पर किले में सुरंग बन गयी तो दुसमन को आते देर नहीं लगेगी दुसमन को अपने सर पर बिठाये रखना होगा  मालूम है कुछ ही दिनों में ये सभी वफादार बालो को भी अपनी ओर कर लेगा !

मैंने देखा है सफ़ेद बाल के आते ही लोगहिसाब लगाने लगते है की जीवन में अब तक क्या किया क्या पाया क्या जमा किया ! जीवन का हिसाब लगाना गलत है बेईमानी है व्यर्थ है ! बालो की जड़ बहुत गहरी नहीं होती ह्रदय से नहीं उगता यह सतही है ! यौवन सिर्फ काले बालो से नहीं होता ! यौवन नवीन भाव , नवीन विचार को ग्रहण करने की तत्परता का नाम है !यौवन सहस उत्साह निर्भयता और खतरों से भरी जिंदगी का नाम है !
यौवन लीक से बच निकलने की इच्छा का नाम है ! सबसे ऊपर बेहिचक बेबकुफिया करने का नाम यौवन है ! मैं बेबकुफिया करता हूँ ! कोई जरुरत नहीं है हिसाब करने की बाल सफ़ेद होते है तो क्या !

यह सब मैं किसी दुसरे को नहीं कह रहा अपने आप को समझा रहा हूँ किसी दुसरे से कोई भय नहीं है मेरे बाल सफेद हो जाने से किसी का क्या बिगड़ेगा पर मन तो अपना है इसे तो समझा पड़ेगा भैया आल इस वेल ! तू परेशान मत हो ऐसा भी क्या हो गया और अगर तू ढीला नहीं होता तो क्या बिगड़ने वाला है !

Saturday, 11 October 2014

तितलिया

बरसात के मौसम के पहले ही आकाश में ढेर सारी तितलिया उड़ने लगती थी।

(गीता की कसम खा कर कहता हूँ यहाँ तितली मतलब तितली ही है।)
(गीता =भगवत गीता )

और जब छोटे थे पता नहीं किसने ये अपवाह फैला राखी थी की तितली की मुंडी मचोड़ कर गोबर में गाड दो तो सोना बन जाता है।

अब चुनाव का मौसम आते ही बहुत से नेता उड़ने लगते है।

मुंडी वाली बात सोच रहा था इनपर ट्राय किया जाए तो ...........

EK HASINA SE MULAKAT

पिछले कई सालो से एक लड़की जिसे अबला कहना गलत होगा पर बला सी थी कह सकते है । मेरे सपने में आती थी कुछ कहती नही थी । मैंने भी सोचा चलो उम्र है अभी सपने में लड़की नहीं आएगी तो क्या

पहले तो सलवार में आती थी कुछ सालो से साड़ी मगल सूत्र के साथ सपने में आने लगी यानि बैधानिक रूप से उसकी शादी भी हो गयी फिर भी मेरे सपने में आती रही ।

तब मैंने हिम्मत करके पुछ ही लिया माता आप कौन हो और मेरे सपने में क्यों आती है । मैं तो आपको जनता तक नहीं ।
वो बोली तुम्हे तमीज बिलकुल नहीं है मैं तुम्हे माता दिखती हूँ ।।
मैं डर गया मैंने कहा बेटी ....
वो चिल्लाई बेटी .... मुझे गाली देते है थपड मार कर मुह तोड़ दुगी ।
मैंने कहा बहन जी गलत मत समझिये ।
वो गुस्से से टमाटर जैसी लाल हो गयी बोलो बिना मार खाए तुम सुधरोगे नहीं । अभी लोगो को बुला कर कहुगी ये मुझे छेड़ रहा है। बहन जी कह कर मेरी बेजती करता है ।

मैंने कहा आधुनिकता की हद हो गयी माँ बहन बेटी जैसे शब्द भी गाली लग रही है आपको ।
उसने कहा मैं महा आधुनिक हूँ ।
आखिर मैंने मैंम पर कम्परमईज किया।
मैंने कहा मैंने आधुनिक के बाद महाआधुनिक कही पढ़ा नहीं है फिर भी जितना जानता हु आपके महा आधुनिक होने में मुह पर मफलर की कमी है ।

खैर मैम ये बताव की आप हो कौन ।
वो बोली मैं "महगाई" हूँ ।

मैंने कहा तो आप हो महगाई । इतनी सुन्दर होगी आप ये कभी सोचा न था ।तभी आपने सबके नाक में दम कर रखा है । कई लोगो ने आपके चलते आत्महत्या भी कर ली ।

वो बोली थैंक्स फॉर योर कॉम्पलिमेंट।
मैंने कहा मैम आप गरीबो को क्यों इतना तडपती है । क्या आपमें जरा भी ममता नहीं है । उनके बच्चे भूखे सो जाते है तो आपके कलेजे में टीस नहीं उठती ।

वो थोडा भाबुक हो गयी बोली मैं इतनी बुरी नहीं हूँ मेरे पति मुझसे ये सब करवाते है ।
मैंने कहा कौन है आपके पति ।
वो बोली भर्ष्टाचार ,रिश्वत खोरी ,कालाबाजारी ,जमाखोरो .......
.
मैंने कहा ये सब आपके पति है आपने तो पूरा देह व्यापार चला रखा है ।

उसने एक जोरदार चाटा मेरे कान के नीचे मारा और मेरी नींद टूट गयी ।

पर झनझनाहट अब तक है ।

"क़यामत पर भी यही कहते है दीवाने ,

किसी शायर ने कभी कहा था ।

"क़यामत पर भी यही कहते है दीवाने ,
जरा उनके चेहरे से पर्दा हटा दो ।।

आज अगर कोई ये शेर कहता तो कहता ..

"कयामत पे भी यही कहते है दीवाने ,
जरा मेरे मोबइल को चार्ज में लगवा दो .."

यमलोक की कार्यप्रणाली

रात सपने में एक भयानक लड़की आई । और मुझसे कहा प्रियतम ठीक उसी वक्त धड़कने रूकती सी फील हुई और लगा जैसे दुनिना की बत्ती हो गयी हो ।
जब लाइट आई (होश) तो एक प्राचीन कल का सिपाही मेरी कलाई पकड़ कर मुझे खीच रहा था ।
मैंने कहा कौन हो भाई क्या कर रहे हो । वो बोला मैं यमदूत हूँ तुम्हारा यहाँ का कार्यकाल समाप्त हुआ चोलो ।
मैं तो ये सोचते सोचते सोया था की कोई लड़की मुझपर नहीं मरती और अब आप कह रहे हो मैं ही मर लिया ।
उसने कहा यही सच है मान लो और मेरे साथ चलो ।

हम छोड़ चले है महफ़िल को वाले अंदाज में हम उदास हो गए । फिर मैंने कहा सर सबेरे तक रुकते है मुझे मेरे स्वर्गवासी होने पर दोस्त रिश्तेदार का रिएक्शन देखना है ।

यमदूत बोल पहली बात तो अपने मुह मिया मिठू मत बनो स्वग और नरक का फैसला ऊपर होता है । रही बात रिएक्सन देखने की तो ये फेसलीटी तेरहवी तक नहीं दी जा सकती ।

हमारे यहाँ तो हर परलोक सिधारे लोगो को स्वर्गवासी ही कहा जाता है आपको क्यों आपत्ति है।

क्युकी तुम्हारे 90% स्वर्गवासी नर्क की ही शोभा बढ़ा रहे होते है।
मैंने कहा मैंने सुना है प्राण हरने यमलोक अधिपति यमराज आते है मुझे लेने क्यों नहीं आते ।
वो बोला यमराज जी अब वी वी आई पी को ही लेने आते है तुम जैसे एरु गेरू को तो हम ही निपटते है ।
मैंने कहा जिस हिसाब से हमारे यहाँ वी वी आई पी की संख्या बढ़ गयी है मुझे तो लगता है वो जरुर किसी के साथ डेट के चकर में पड़ गए है ।
खैर चलना कैसे है भैसे को किधर पार्क किया है ।
वो बोले कभी मोर्निंग वाक तो किया नहीं अब लास्ट वाक करते हुए चलेगे ।समझ लो न हाथी है न घोडा है वहां पैदल ही जाना है।
मेरे पास कोई आप्शन तो था नहीं । चलते चलते यमदूत मुझे बिना आर टी आई के यमलोक की कार्यप्रणाली समझा रहा था ।

बात करते करते कब यमराज के पास पहुच गए पता ही नहीं चला ।यमदूत ने चित्रगुप्त से मेरा खता खोलने का आग्रह किया । मैंने कहा महोदय परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है अपने कर्मो का मुझे भी पता है ।वैसे भी मुझे स्वर्ग जाने का कोई शौक नहीं है । कैटरिना करीना दीपिका भी तो उधर ही आयगी मुझे नर्क ही भेज दीजये। अपनी अप्सरा अपने पास रखिये।
फिर भी मेरा रिकॉर्ड चेक हुआ । मेरा अधिकांश टाइम तो फेसबुक पर ही बिता हुआ मिला । यमराज और चित्रगुप्त फेसबुक के बारे में जानने के लिए उत्सुक हुए । तो मैंने उनका accout खोल दीया । फिर वो कैंडी क्रश सागा खेलने में बीजी हो गए । यमलोक का लेखा जोखा मुझे ही देखना पड़ रहा था।
तो मैंने स्वर्ग की फेसलीटी कम कर दी । स्वर्ग में जाने वाले तो योगी आदमी है उन्हें अप्सरा की क्या आवश्यकता । जरुरत तो नर्क वालो को है इस सर्विस की...
कभी और कई बदलाव पर विचार कर ही रहा था की किसी ने दरवाजा खट-खटा दिया और मेरी नींद खुल गयी।

पार्लर

जब किसी लड़के को पार्लर में मुह पीला करवाते देखता हूँ तो बड़ा अजीब लगता है ।

हम तो भाई जरा सा नहा धो के निकल जाय तो यार दोस्त पहचानने से भी इनकार कर देते है ।

आय से अधिक सम्पति

तेरी यादो की इतनी दौलत है मेरे पास की

आय से अधिक सम्पति के मामले में

मेरी उम्र भर की सजा तो बनती ही है।

Twitter ,FB

Twitter पूछता है what s hapening?
FB कहता है whats on your mind?

हालातो और ख्यालातो में लोग उलझे है जज्बातो की फिकर किसको है ।

हर्ष

नारी का अपहरण करने वाले दुष्ट पापी राक्षस रावण का वध करके लौटे राम के आगमन पर हर्ष तो आज तक मानते ही आये है ।

उसी माता सीता के बनवास दिए जाने का डेट भी बता देते ताकि 2 मिनट का मौन भी रख लेते ।

Tuesday, 5 August 2014

स्कूल का योगदान

हमारे समाज ही नहीं देश के प्रति स्कूल का अमुल्य योगदान है । यहाँ बच्चो को शिक्षा मिलती है उनका नैतिक विकास होता है ।

ऐसे सरोकार को बाते नहीं करुगा ,ऐसी बाते मुझ पर सूट भी नहीं करती ।

मैं तो बात करुगा चाहे चुनाव हो , जनगणना हो या कुछ भी देश के गाय बैल बकरी कुछ भी गिनना हो उनमे स्कूल के मास्साब का जो अमुल्य योगदान की ।

जाहे गाव में बाढ़ आ जाय या बारात सब के ठहरने की जगह है स्कूल । आपात काल में मलिट्री आ जाय तो जगह स्कूल ।

देश में जाग्रति लाने के लिए स्कूल के बच्चो का भी योगदान सराहनीय है । देश में चाहे पल्स पोलियो अभियान हो , सर्वशिक्षा हो

या फिर एड्स जाग्रति यहाँ तक की परिवार नियोजन तक के लिए स्कूली बच्चे ही जुलुस निकालने के काम में आते है ।

पा लेना

किसी की भी कोई चीज पा लेना कोई बड़ी बात नहीं , 
बस थोड़ी सी नीयत मगर ख़राब होनी चाहिए ।

मेरी जिन्दगी की डायरी ।

मेरी जिन्दगी की डायरी ।

कवार्फ़ पीले पड़ चुके है जिसकी ...

पर लफ्ज सुरक्षित है अब भी ...

कुछ पन्ने फट चुके है , वो जो किस्से का हिस्सा था अब वी नहीं है ।

एक गुलाब दवी है मगर जो सूख चुकी है । खुशबु मगर अब भी है उसमे ।

कुछ कोरे भी है पन्ने जो कहती है लिखेगी कुछ नयी कहानी के अल्फाज जिंदगी ।।

बेवफाई पर शायरी

पता नहीं बेवफाई पर लोग शायरी कैसे लिख लेते है। हम तो जब भी याद आती है बेवफाई की उसे 4 गाली दिल से देकर अपनी तबियत हरी कर लेते है ।

वो भी अच्छी वाली -

तेरी माँ को

सादर प्रणाम।

तेरी बहन को

कुछ नहीं उससे तो उम्मीद बाकी है ।

तेरी नानी दादी मौसी

से मुझे क्या लेना देना ।

दिल चीर के देख तेरा ही नाम होगा

सुबह से दौड़ रही है पगली चाकू लेकर मेरे पीछे ,
मैंने तो मजाक मजाक में कह दिया था

" दिल चीर के देख तेरा ही नाम होगा

hmmmmm

एक hmmmmm ने पहले से प्राण पी रखा था ।
उसपर upppssss और yappppp ने लोंच करके दिमाग की दही कर दी है ।
किसी डिक्सनरी में मतलब नहीं मिलाता । मेरे गुरु जी ने कभी बताया नहीं ।
मैं तो कोई नाला ढूंड रहा हु किधर कूद के मरू

sringar

Tere chanchal chanchal nain katar ,
uthte or girte palak aari si jisme hai dhar ,
karti waar baar bar katil khiladi lagti hai tu..

rupsi bikhre ye tere bal ,
barkha ki ho jaise fuhar ,
bijli si bizli girati  firti hai tu....

man ko bhati hai komal si kaya teri ,
har ko lubhati nischal bate teri
ful jharte hai jab khilkhilake hasti hai tu....

Saturday, 7 June 2014

तेरा गुरुर भी टूटेगा

अभी टुटा है वहम मेरा ,
रुक तो जा जरा तेरा गुरुर भी टूटेगा।

शराब हराम

शराब पी के मैं नहीं बहकता ,
पर उनको देख कर बहक जाता हूँ मैं।

फिर कैसे कहु की शराब हराम है।

तब एक दोस्त ने बताया शराब तो हराम है ही वो भी हरामजादी हो ये अलग बात है

रिलेसन

एक बड़े नेता जी ने एक सुन्दर बाला से अपने रेलेसन होने की बात की तो सब जगह बबाल मच गया ।

इस बात से मैं भी बड़ा डरा हुआ हूँ क्युकी कई सुन्दर कन्याओ से मेरा भी रिलेसन है।

दरसल लडकिया बिना सोचे समझे भैया कह देती है । तो और कुछ तो नहीं पर भाई बहन का रेलेसन तो बन ही जाता है ।

फैशन की इन्तहा

फैशन की इन्तहा हो गयी यार ।

साड़ी के साथ मैचिंग नेल पालिस चप्पल इयर रिंग नेक्लेश वगेरह तो देखा सुना था ।

आज देखा साड़ी के साथ बच्चे के कपडे भी मैचिग मैचिग होनी चाहिय ।

खोपड़ी घूम गयी बाप ।।

अच्छे दिन आने वाले है

एक भाजपा के मित्र मिल गए मैंने कहा अब तो कुछ देर की बात है सरकार बदलने वाली है।

उन्होंने कहा नहीं मैं तो शादी सुदा हु हमारे घर में लोकतत्र नहीं राज तंत्र है। जब से लाल तिलक किया है घर में बीबी का राज चलता है।

टेलीफोन बिल भी उनका ही आता है कॉमन वेल्थ भी वही खाती है। यानि ए रजा भी वही है और कलमाड़ी भी वही।
मुझे तो अब भी मनमोहन की तरह चुप चाप जो बुरा हुआ घर में उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी है।

अच्छे दिन तो मेरे आने वाले है नही ।

मैं सोच रहा था अगर पूर्ण बहुमत की मोदी सरकार बनी सच में अच्छे दिन
आ गये।

यानी कम से कम और 5 साल मेरी शादी नहीं हो सकती।

काग्रेस की हार की जिम्मेदारी

काग्रेस की हार की जिम्मेदारी सोनिया गाँघी जी ने ली। राहुल जी ने भी बेसर्मो की तरह हँसते हुए माना की वो जिम्मेदार है।

पर असल में देखा जाय तो मनमोहन सरकार की की विफलता का जिम्मेदार कौन है ।

सोनिया गाँधी- नो never सभी जानते है वो सरकार का हिस्सा नहीं थी।

राहुल गाँधी - नहीं कभी नहीं वो तो खुद हमेशा कहते रहे है की वो भी सरकार के हिस्सा नहीं है। चुनावी कुछ महीनो की छोड़ दे तो लगा भी यही।

मनमोहन सिंह - नो नो नो नेभर , ये तो बेबकुफो वाली बात होगी आपको लगता है की वो किसी बात की जिम्मेदारी ले रहे थे।

भैया राम भरोशे सरकार चल रही थी तो जिम्मेदार भी राम ही होना

खैर भाजपा की सरकार आई है फिर लोगो को उम्मीद होगी राम मंदिर बनेगा।
और मोदी जी के राज में राम राज होगा।
पर आम आदमी तो बेचारी सीता है राम राज भी आया तो बनवास ही नसीब होगा ।

चार लोग

बचपन से ये समस्या बनी हुई थी मम्मी जी हमेशा कहती थी ये मत करो वो मत करो , ऐसा मत करो वैसा मत करो ।

चार लोग क्या कहेगे......

बड़ा विकट सबाल था की ये कौन से चार लोग है ।अभी आम आदमी पार्टी से चार सांसद जीते है ।

कही ये वही चार तो नहीं ।।।!!!

शौचालय और तालक

थोड़ी देर पहले न्यूज पर देख रहा था खबर थी की किसी महिला ने तलाक के लिए अपील की थी क्युकी घर में शौचालय नहीं था ।

कुछ पढ़े लिखे लोग इसपर कह रहे थे की ये एक सराहनीय है साहसिक है , प्रसंसनीय है ।

मेरी तो समझ नहीं आता की महिला क्या सिर्फ बीबी होती है । जिससे तलाक ले रही है उसकी क्या माँ बहन नहीं होगी । वो कहा जायगी और किससे तालक लेगी सोचने वाली बात तो ये है किसी के घर में शौचालय नहीं है तो आखिर उसकी कौन सी मजबुरीया होगी । सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए ।न ही तलाक को सराहनीय बताना चाहिय।

मुझे तो लगता है परिवार नियोजन में असफल रही सरकार इस तरह से एक तलाक योजना बनाने की तैयारी में है।

जिसकी ब्रांड अम्बेसडर विद्या बालन जी को बनाया गया है। सुना है विद्या वालन का भी वैवाहिक जीवन तलाक के कगार पर है ।

कोई पता कर सकता है उनके घर में शौचालय है की नहीं ???

कांग्रेस राज के अंत पर श्रधान्जली ...

कांग्रेस राज के अंत पर श्रधान्जली ...

नोट - श्रधांजली में अच्छी अच्छी बाते कहने का रिवाज है ।

सच में काग्रेस एक पार्टी नहीं सोच है । कोई सक नहीं अब तक जो किया है देश के लिय कोग्रेस ने ही किया है।

पहले भी भाजपा और जनता दल और भी पार्टी की सरकार बनी पर चली नहीं । तो कहा जा सकता है काग्रेस एक लोकप्रिय पार्टी रही है हमेशा से।

काग्रेस की हमारी जरुरत हो न हो हो हमारी आदत बन चुकी है।

कहो दिल से काग्रेस फिर से .....।।

कुछ अनमोल वचन

कुछ अनमोल वचन -

रखने के लिए कोई चीज़ है तो - पैसा

फेकने के लिए कोई चीज़ है तो - थूक

लेने के लिए कोई चीज है तो - उधार ।

कहने के लिए कोई चीज़ है तो - झूठ ।

छोड़ने के लिए कोई चीज़ है तो - गैस।

जीतने के लिए कोई चीज़ है तो - चुनाव।

खाने के लिए कोई चीज है तो - खैनी।

पीने के कोई चीज है तो - दारु ।

करने के लिए कोई चीज़ है तो - ये नहीं बोलूगा।

#हिसाब बराबर

सुना है पाकिस्तान 151भारतीय कैदी को जेल से रिहा कर रहा है।

तो उसके बदले में जो जो ये कह रहे थे की मोदी प्रधानमंत्री बने तो देश छोड़ दुगा । सब को पकड़ पकड़ कर नवाज सरीफ के साथ लगा देना चाहिए। ले जाव देश के कचरे को ।


#हिसाबबराबर

सनी लेइओन के ब्रिर्थ डे

आज सनी लेइओन के ब्रिर्थ डे पे शोसल मिडिया में जितने विश आ रहे है ।

की जनता के इंटरेस्ट को देखते हुए सरकार को कही आज के डे को खास डे बनाने की कही घोषणा न करना पड़े।

कौन सा डे रूप में ये डे मनना चाहिए ये मैं नहीं बोलूगा ।

भड़ास

स्मृति ईरानी ने तुलसी बन कर जितनी मानवाधिकार का हनन किया है कहिये ही मत।

अब जो लोग बीबी के "क्योकि सास भी कभी बहु थी " जबरदस्ती देखने और दिखाए जाने का बिरोध नहीं कर सके वो उनके मंत्री बनाये जाने का विरोध कर के अपनी भड़ास नि

टिप्स no 3

देश की मुख्य समस्या है रिश्वत ...!

अच्छे दिन आने वाले है । तो इसके लिए ये समस्या , समस्या बन कर सामने आयगी।

जरुरी है की रिश्वत को संवेधानिक बना दिया जाय । काम करने के बदले पैसा लेना क्या गलत है । जरुर लीजये । बल्कि एक सरकारी रेट तय हो की अमुख काम के लिए इतना चुकाना होगा ।

बस शेलरी जो रिश्वत लेने वाले कर्मचारी को मिलती है वो असवेधानिक है

रिश्वत कोई भष्टाचार नहीं भष्टाचार उनको मिलने वाली तनखा है ।

( टिप्स no 3 )

टिप्स नंबर -2

अच्छे दिन आने वाले है।

इसके लिए टिप्स नंबर -2

सरकार को एक ब्यूटी टैक्स लोंच करना चाहिय । इस तरह की ग़लतफ़हमी तो सब को होती है की वो सुन्दर है।

लोग बिना शोर के अपनी मर्ज़ी से ज्यादा से ज्यादा टैक्स पे करेगे।

ब्यूटी टैक्स को सरकार की मुख्य आमदनी बनाने के लिय सरकार जाहे तो देश भर में मुफ्त आईना बटवा सकती है।

फिर तो औरते कर्ज लेकर भी ज्यादा से ज्यादा टैक्स पे करेगी।

टिप्स नंबर - 1

सुना है अच्छे दिन आने वाले है...

दिन को अच्छा बनाने के लिये कुछ टिप्स मेरी तरफ से भी।

टिप्स नंबर - 1

देश को दो हिस्सों में बाँट दिया जाय एक हिस्सा महिला का दूसरा हिस्सा पुरुष का ।

फिर हर तरफ सुकून होगा और इसके लिए सरकार सुकून टैक्स भी लगा सकती है।

इसे न्यूज चैनल शुरु किये जाय जिसमे एक दुसरे इलाके की खबर 24 घंटे दिखाई जाय। पुरुष वाले इलाके में तो न्यूज़ एंकर तो फिर भी महिला ही होनी चाहिए।
इसके लिए सरकार मोटा मनोरंजन कर लगा सकती है।

सरकार को इससे बड़ा रेवेंयू प्राप्त होगा । बाकी जो नुकसान है वो तो सरकारी सब्सिडी देकर बच्चे तो पैदा करवाए ही जा सकते है।

एक गजल

एक गजल उसपे लिखू दिल का तकाजा है,
खुद से बिछड़ जाने पे ये घड्का है बहुत ।

रात हो दिन हो गफलत हो या की बेजारी हो ,
उसे देखा तो नहीं कभी पर सोचा है बहुत ।

मेरे हाथो की लकीरों में इजाफा गवाह है ,
मैंने पत्थर की तरह खुद को तरासा है बहुत।

शराब महा कल्याणकारी है

मेरी नज़र में हर दवा पर कमबख्त भारी है
दोस्तों सचमुच शराब महा कल्याणकारी है

महबूब रूठे तो, दिल टूटे,तो,भरोसा उठे तो
कोई साथ ना दे तो , किस्मत हाथ न दे तो
कुछ समझ ना आये, तन्हाई नोचकर खाये
आस्तीन में सांप बैठे हो,तमाम रिश्ते ऐंठे हो
उन सभी का इलाज़ मयखाने से यारी है
दोस्तों सचमुच शराब महा कल्याणकारी है

उम्मीद पर खरा न उतरे, कोई दिल लेके मुकरे
सुबकिया लेकर रोने पर, रूह का चैन खोने पर
कोई बेईमान ही समझे, हरेक बात पर उलझे
जिंदगी बोझ हो जाये, लक्ष्य तक खो जाए
हताशाओं का मर्ज़ बोतल की गंगा खारी है
दोस्तों सचमुच शराब महा कल्याणकारी है

चोर चोर

एक सज्जन मुझसे टकरा गए मैंने कहा क्या करते है भाई साब।

वो बोले मैं चोरी करता हूँ । यही मेरा काम है।

मैंने कहा क्या आप चोर हो ?

इतने वो वो साहब भड़क गए , तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे चोर कहने की । ये मेरी मान हानि है। पुलिस बुलाऊगा तिहाड़ भिजवाऊगा ।

मैं तो डर गया मैंने कहा भैया आप ही तो बोले की आप चोर हो।
उसने कहा मैंने कब कहा मैंने तो बताया की चोरी मेरा प्रोफेसन है पर चोर कहना अपराध है।

मेरी तो हालत पतली हो गयी की अब 5000 जमानत की राशी फिर कोर्ट कचहरी का चक्कर ।

मेरी नानी मरे जो किसी चोरी करने वाले चोर कहु।

कहो दिल से कांग्रेस फिर से

चुनाव ख़तम हो जाने के बाद
फेसबुक पर आम आदमी पार्टी के समर्थक पेज के एडमिन को

पेंसन तो कम से कम मिलना चाहिए।

और दिन रात सोते जागते मोदी मोदी की रट लगाने वाले एडमिन को अब बेरोजगारी भत्ता ।

काग्रेस सपोटर तो मनमोहन बने बैठे थे उनको मुबारक हो । अब उनको भी बोलने का मौका मिलेगा। स्मृति ईरानी तो मामूली सा मुद्दा है अभी बहुत कुछ मिलेगा ।

कहो दिल से कांग्रेस फिर से .....।।

सुरजभाई पर FIR

मैंने सोचा चलो मान जायगे , पहले तो मैंने समझाया अपना और दुसरो का वास्ता देकर मनाया भी । माना की मैं दयालु प्रवृति का इन्सान हूँ इसका मतलब ये थोड़ी है की कोई सर चढ़ कर तमतमाय।

मैंने अपने दिल दिमाग फेफड़े किडनी सब से मशवरा कर लिया । अब बर्दास्त नहीं होता । मैं तो जा रहा हूँ #सुरजभाई पर FIR करने। पारा 45-46 डिग्री से नीचे ही नहीं आ रहा । अब तो तेल पसीना सब पानी हो गया । अब वो भी झेले मेरा गुस्सा आखिर मेरे नाम का मतलब सूरज ही निकलता है।

कुछ दिन जेल की हवा खायागे न तब अक्ल ठिकाने आयगी । सारी गर्मी निकल जायगी इनकी।

कोई और चलना चाहेगा मेरे साथ सुरजभाई पर FIR करने ।।।।

लोकतांत्रिक व्यवस्था

रमेश सुरेश से - मुझे लोकतंत्र पर इतना विश्वास है की मैंने घर की शांति के लिए घर में लोकतांत्रिक व्यवस्था अपना रखी है ।

रमेश- मेरे घर में पत्नी वित्त मंत्री है , ससुर विदेश मंत्री , सास रक्षा मंत्री ,
साली जनसंपर्क मंत्रालय संभालती है।

सुरेश - यानी तुम घर के प्रधान मंत्री हो ।

रमेश - नहीं यार मैं तो जनता हु जनता ।।

Thursday, 3 April 2014

अज्ञात 2

कोई पूछ रहा है मुझसे मेरी ज़िन्दगी की कीमत
मुझे याद आ रहा है तेरा वो हल्का सा मुस्कुराना

एहतियातन बुझा सा रहता हूँ
जलता रहता तो राख हो जाता

कमबख्त मानता ही नहीं दिल उसे भूलने को
मैं हाथ जोड़ता हूँ तो ये पांव पड़ जाता है

मुझे लिख कर कही महफूज़ कर लो दोस्तों

तुम्हारी यादाश्त से निकलता जा रहा हूँ मैं 

जाते हुए उसने सिर्फ इतना कहा था मुझसे
ओ पागल ... अपनी ज़िंदगी जी लेना, वैसे प्यार अच्छा करते हो

हम से भुलाया ही नहीं जाता एक मुखलिस का प्यार
लोग जिगर वाले हैं जो रोज नया महबूब बना लेते हैं

हम जा रहे हैं वहाँ, जहाँ दिल की कदर हो
बैठे रहो तुम अपनी अदाएं लिए हुए

लोग सीने में कैद रखते हैं
हमने सर पर चढ़ा लिया दिल को 

न तेरी याद ,न तसव्वुर ,न तेरा ख़याल
लेकिन खुदा क़सम ,तुझे भूले नहीं है हम !!

अज्ञात

कितना आसान था तेरे हिजर में मरना जानां
फिर भी इक उमर लगी जान से जाते जाते
--अज्ञात

चेहरा बता रहा था कि बेचारा मरा है भूख से
सब लोग कह रहे थे कि कुछ खा के मर गया

--अज्ञात  


रिश्वत भी नहीं लेता कम्बख्त जान छोड़ने की,
ये तेरा इश्क तो मुझे केजरीवाल लगता हैं...

--अज्ञात 

 मुफ्त का एहसान न लेना यारो
दिल अभी और सस्ते होंगे

पूछा न जिंदगी में किसी ने भी दिल का दुःख
शहर भर में ज़िक्र मेरी ख़ुदकुशी का है ।
--अज्ञात 
याद आते हैं तो कुछ भी नहीं करने देते
अच्छे लोगों की यही बात बहुत बुरी लगती है

--अज्ञात 

Wednesday, 12 March 2014

प्रधान मंत्री के लीये महिला प्रत्यासी

भारत में किसी भी पार्टी को प्रधान मंत्री के लीये महिला प्रत्यासी को नामांकित करना चाहिए !

कारण बतायगे पहले नज़र डालते है सबसे अधिक दिनों तक भारत में प्रधान मंत्री की कुर्सी पर रहने वाले टॉप थ्री पर !

१) जवाहरलाल नेहरु - सत्रह साल

२) इंदिरा गांघी - सोलह साल

३ ) मनमोहन सिंह - दस साल और अब तक

बाकि कुल बाईस में से और तीन ने ही अपना कार्यकाल पूरा किया !

अब कारण पर आते है -

पधानमंत्री का यहाँ मुख्य काम है "निंदा करना " ! कही बम फटा उसकी निंदा करनी है , दंगा हुआ निंदा , सिपाही की गर्दन कट जाय तो कड़ी निंदा करनी पड़ती है !

हलाकि तात्कालिक प्रधानमंत्री जी अपना काम बखूबी निभा रहे है ! पर मेरा मानना है की जिनते स्वाभाविक रूप से एक महिला निंदा कर सकती है कोई नहीं कर सकता !
खास कर किसी कुवारे के तो बूते के बाहर की चीज़ है !

क्या मैं सही हूँ या मैं सही हूँ ?

सत्य परेशान हो सकता है,पराजित नहीं ।"

सत्य परेशान हो सकता है,
पराजित नहीं ।"
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ये द्वापर युग की बात है एसी किसी ग़लतफ़हमी में मत रहना ।ये कलयुग है कुछ भी हो सकता है।

शायरी 5

अभी एक शायरी लिखी है मतलब इतनी ताज़ी है की धुँआ निकल रहा है। like मत कीजये गा हाथ वाथ जल गया तो खुद जिम्मेदार होगे।

अर्ज़ है.....!
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मत कीजये इरसाद..... सुनाउगा तो फिर भी.....!.।
उनकी सादगी पर कौन न मर जाय ये खुदा,.
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.उनकी सादगी पर कौन न मर जाय ये खुदा,.
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उसे ये बात बता मत देना वरना सब को मार डालेगी।

आप कामाल हो

एक भाई ने मुझसे कहा की आप कामाल हो बहुत खूब।
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मैंने कहा भाई साब ऐसा कुछ नहीं है मैं तो हरकतों से विचारो से बिलकुल आम आदमी हूँ । मतलब ये समझ लीजये बिलकुल आप जैसा ही हु।
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वो बोले हाय राम कितने गंदे हो आप।

बताव यार।

shayri 4

आज दिल शायराना हुआ जा रहा है एक मारता हु बचिय ।

सनम तुझमे पूरा ब्रह्माण्ड नजर आता है।

नोट:- " ब्रह्माण्ड का किसी तरह से संधि बिच्छेद करने की कोशिश न की जाय ऐसे ही मुझ पर अभद्र भाषा लिखने का आरोप लगता है।"

फिर से ...

ये सनम तुझमे पूरा ब्रह्माण्ड नज़र आता है,
ये प्यार तूने मेरी दुनिया को कितना छोटा बना दिया ™!

शायरी 3

एक शायरी अर्ज करता हूँ सम्भालियेगा।
मतलब खुद संभालिये गा।

ख्वाबो की चादर है खयालो का बिछौना नींद सी तुम हो।

गौर फरमाये ।
खाबो की चादर है खयालो का बिछौना और नींद सी तुम हो।

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ख्वाब ख्याल और तुम वाह वाह ।

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मच्छर की भन भन सी तेरी बाते और खटमल सी चुभाती तेरी यादे जो बस सोने नहीं देती।
क्या बात
क्या बात
क्या बात

तश्रीफ़
तारीफ भी खुद से ही करनी पड़ती है।

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बस ये डिसाइड नहीं कर पा रहा हूँ मैं ज्यादा धटिया लिखता हूँ या वो है जो लास्ट तक पढ़ रहे है।

चाय पर बुलाया है

मैंने कहा

शायद मेरी शादी का ख्याल उनके दिल में आया है इसी लिए मम्मी ने तेरे मुझे चाय पर बुलाया है।
वो बोली
अपनी सकल देखि है किचड जैसी सकल है तुम्हारी । मम्मी को कोई ख़याल नहीं आया पापा ने भाजपा ज्वाइन कर लिया है। बस इसलिए चाय पर बुलाया है।
मैं कहा मैं तो हूँ ही भाजपा का कट्टर समर्थक ।
वो बोली तभी तो तुमको बुलाबाया है कीचड में ही तो कमल खिलते है।

स्कूटी पर लड़की

स्कूटी पर मुह ढक कर जाती हुई लड़की को देखकर ऐसा लगता है जैसे कही डाका डालने जा रही हो।
ये तो फिर भी एक हद तक सही भी है की दिल तो लुट ही लेती है।

पर दिक्कत इस बात से है न चाहते हुए भी 70-80 के दसक के फिल्मो के डाकू मलखान सिंह का भयावह चेहरा इमेजिन होता है।

After महिला दिवस

महिला दिवस मन गया ।
अब इतना बता दीजये
हर जगह अपना जगह बना चुकी महिला

कोमल हूँ कमजोर नहीं कहने वाली महिला
घडी घडी झासी की रानी की बात करने वाली महिला ।

46 % वोट की बात जो एक चाय कंपनी ने बताया है।
पर रेल का टिकट लेते समय पता नहीं क्यों लकवा मार जाता है।
अपने बैठना हो तो महिला का वास्ता देकर बैठ जायगी अगर सीट पर महिला बैठी हो तो क्या मजाल को वो अद्जेस्ट करके किसी को जगह दे ।

नई संभावना

राखी सावंत के भाजपा में आने से नई संभावना आई है ।अमेठी से राखी को टिकट देनी चाहिए।

राहुल जी का भी प्रचार में दिल लगेगा दूसरा कुमार विश्वास को कड़ी टक्कर मिलेगी।
कारण
1) दोनों आइटम नंबर है।
2) दोनों का मुह बहुत चलता है।
3) एक किसी को भी बातो से नंगा करने में माहिर है तो एक होने में ।

भाजपा और संघ परिवार की भाषा

भाजपा से लगाव के चलते संघ परिवार विश्व हिन्दू परिषद् से भी जुड़ाव रहा है।
संघ वालो की हरकते जो भी हो भाषा गजब की शालीन होती है।

एक मित्र है मैंने उनसे कहा अटल जी के साडू होने की वजह से मोदी जी को तो प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी मिल गयी । पर आप क्या सोच रहे है अब तो आपकी उम भी हो ही ली शादी वादी कर लिएये। सभी इसे ही रहे जरुरी तो नहीं।
उन्होंने कहा ऐसा नहीं है कुछ बहिनों के प्रस्ताव आये है।

मैंने अपना सर पीट लिया और कहा फिर तो हो गयी आपकी सादी।
आप तो रहने ही दो । अभी टाइम है मोदी जी भी रिटायर तो होगे ही ।

AAP समर्थक का पोस्ट

किसी AAP समर्थक का पोस्ट पढ़ा
केजरीवाल की लड़ाई को वही समझ सकते है जो..............

ऐसा ही कुछ...

समझ नहीं आया केजरीवाल कौन सी लड़ाई लड़ रहे है। बिन्नी अन्ना सजिया से जो पार्टी में चल रही है वो क्या ?

या फिर चुनाव लड़ने को गृह युद्ध घोषित कर दिया गया है।

शायरी 2

नोट:~मेरी अपनी शायरी है कमजोर दिल और दिमाग़ वाले दूर रहे।

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अर्ज किया है ।।
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वफ़ा मिले वफ़ा करो,
वफ़ा मिले वफ़ा करो
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.वरना इसे बेगैरत को रफा-दफा करो।।

shayri 1

दिल्लगी मत करो पछताओ गे,
दिल टूट जायगा रोते रह जाओगे ।।

डूब जावगेआसू के समंदर में ,
वहा मछलिया भी नहीं होतो ,
जो पकड़ पकड़ कर माछी फ्राई खेओगे ।।

पैसा सच है दुनिया फानी

ऐसा कहा जाता है कि प्रेम के बाद विवाह हो जाता है। प्रेम विवाह के बाद जिंदगी में बहुत ही खुशियां आती हैं। पर ऐसा तब ही हो पाता है, जब प्रेम किसी से हो, और विवाह किसी और से हो। क्योंकि जानकारों का कहना है कि जिसके साथ विवाह किया हो, उसके साथ प्रेम करना बहुत मुश्किल हो जाता है। किसी कवि ने उचित ही ऐसी आशा व्यक्त की है कि आओ, आओ हम ऐसे प्यार करें, ऐसे प्यार करें, जैसे हमने कभी शादी की ही न हो।

प्रेम ...जीवन को सुधारता है, कईयों के जीवन के स्तर को। वैलंटाइन कार्ड बनाने वाली कंपनियों के स्तर को, इन्हे बेचने वालों के स्तर को, वैलंटाइन डे की गिफ्ट बेचने वालों के स्तर को। कुल मिलाकर प्रेम से कई जीवन स्तर सुधरते हैं, सिवाय प्रेमी के जीवन के। प्रेमी का स्तर लगातार खराब होता जाता है, क्योंकि आजकल प्रेमोपयोगी आइटम बहुत ही महंगे हो गये हैं। अच्छा आईलवयू कार्ड सौ रुपये से कम में नहीं आता है। एक अच्छे मल्टीप्लेक्स में प्रेमिका को फिल्म दिखाने में कम से कम तीन सौ रुपये खर्च हो जाते हैं।

प्रेम की यही कलाकारी है, कि जो कटता है, वह भी नहीं मानता कि वह कट रहा है। पर किसी की जेब कटती है, तब ही तो किसी की जेब भरती है। यही प्रकृति का उसूल है। लैला-मजनूं टाइप का प्रेम तब ही संभव हो पाया, जब वैलंटाइन कार्ड कंपनियां नहीं थी, तमाम गिफ्ट कंपनियां नहीं थीं। अब तो लैला मजनूं के सामने इतने आइटमों की लिस्ट पेश कर देती कि मजनूं उनकी कीमत देखकर ही कह उठता –हे लैला तुम्हारी डिमांड पूरी करने से आसान है-मर जाना। सो मुझे मर जाने दो। पर लैला कहती-डीयर, पहले ये सारे आइटम रख जाओ, फिर चाहे, जीओ चाहे मर जाओ।

धन से बड़ा कुछ भी नहीं है, प्रेम भी नहीं, क्योंकि प्रेम भी बगैर धन के नहीं हो सकता है। कवि बाबा नागार्जुन ने गलत नहीं कहा है-पीयो संत हुगली का पानी, पैसा सच है दुनिया फानी।

इन्तहा

आज तो इन्तहा ही हो गयी।

एक बच्ची ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज कर इन्बोक्स में कहा गलती से सेंड हो गया। हद तो तब हो गयी जब ये कह कर की unfriend करना नहीं आता , unfriend भी मुझसे ही करवाया।

शीशा न सही पत्थर भी नहीं,
दिल टूट गया रफ्ता रफ्ता ।

मेरा पोस्ट पढना

किसी दोस्त ने कह दिया की उसको मेरा पोस्ट पढना बहुत अच्छा लगता है । मतलब उनको एक जूनून है। मुझे लगा की उनके दिमाग के सभी पुर्जे सही से काम नहीं कर रहे है। पर बेसिकली मेरी तारीफ हो रही थी तो ख़ुशी से इतना फूल गया की दिन भर फेसबुक से उठ भी नहीं पाया।

वो तो भला हो उस मच्छर का जिसके काटने से लिक हो गया और मेरी हवा निकली।
फिर कही पड़ा की राहु जब शनि के तीसरे कक्ष में हो और बुध उसके पिछवाड़े तो किसी घटिया राइटर की तारीफ करने से लाभ होता है।

तो लगा की उनको किसी ज्योतिषी ने ऐसा करने कहा हो । उनका सभी पुर्जा तो जगह पर है मेरा पुर्जा ही जगह पर नहीं।

FB Status

आज एक लड़की का स्टेटस देखे हलाकि अग्रेजी में था पर जितना मेरी समझ में आया उसमे ये कहा गया था की आज रात 10 बजे वो अपना अकाउंट बंद कर देगी ।

सुना है इस बात पर मार्क जुकर्वर्ग को इतना गहरा सदमा लगा की उन्होंने फेसबुक बंद करने की घोषणा कर दी सुना है।

कल हो सकता है विरोध में सूर्य देव हड़ताल पर रहेगे । ।

Awesome

फेस्बुकियो ने awesome Awesome कर कर के Awesome की मिटटी पलीत कर दी है । अब तो awesome में awesome बाली बात दिखती नहीं ।

जब मैंने गूगल पर इस शब्द की कुंडली निकाली तो मतलब गजब का ,अद्भभुत तो है पर इसके adjectiv का उपयोग भय से की जाती है।

तो महिला ध्यान दे अगर आपके profil pic को awesome कह रहा है तो खुश होने की बात नहीं है असल में वो भयानक कहा जा रहा है ।

Monday, 27 January 2014

कांग्रेस का इतिहास

आदरणीय राहुल जी ने बड़ी सच्ची बात कही " काग्रेस एक पार्टी नहीं बल्कि एक सोच है "
सही बात है कांग्रेस अमर है, वह मर नहीं सकती। उसके दोष बने रहेंगे और गुण लौट-लौट कर आएँगे। जब तक पक्षपात ,निर्णयहीनता ढीलापन, दोमुँहापन, पूर्वाग्रह, ढोंग, दिखावा, सस्ती आकांक्षा और लालच कायम है, इस देश से कांग्रेस को कोई समाप्त नहीं कर सकता।

आजादी  के इतने सालो में ज्यादा समय कांग्रेस ने राज किया ,इन सालों में कभी देश आगे बढ़ा, कभी कांग्रेस आगे बढ़ी। कभी दोनों आगे बढ़ गए, कभी दोनों नहीं बढ़ पाए। फिर यों हुआ कि देश आगे बढ़ गया और कांग्रेस पीछे रह गई। यह यात्रा कांग्रेस की महायात्रा है। वह खादी भंडार से आरम्भ हुई और सचिवालय पर समाप्त हो गई।
कांग्रेस हमारे देश पर तम्बू की तरह तनी रही, गुब्बारे की तरह फैली रही, हवा की तरह सनसनाती रही, बर्फ सी जमी रही। कांग्रेस ने देश में इतिहास बनाया, उसे सरकारी कर्मचारियों ने लिखा और विधानसभा के सदस्यों ने पढ़ा।
कांग्रेस हमारी आदत बन गई। कभी न छुटने वाली बुरी आदत। हम सब यहाँ-वहाँ से दिल दिमाग और तोंद से कांग्रेसी होने लगे।देश में समस्याएँ बहुत थीं, कांग्रेसी भी बहुत थे। समस्याएँ बढ़ रही थीं, कांग्रेस भी बढ़ रही थी। अब दिन ऐसा आया की समस्याएँ कांग्रेस हो गईं और कांग्रेस समस्या हो गई।

 समझने की कोशिश करते है कांग्रेस क्या है ?
खुद कांग्रेसी यह नहीं समझ पाया कि कांग्रेस क्या है? लोगों ने कांग्रेस को ब्रह्म की तरह नेति-नेति के तरीके से समझा। जो दाएँ नहीं है वह कांग्रेस है। जो बाएँ नहीं है वह कांग्रेस है। जो मध्य में भी नहीं है वह कांग्रेस है। जो मध्य से बाएँ है वह कांग्रेस है। मनुष्य जितने रूपों में मिलता है, कांग्रेस उससे ज्यादा रूपों में मिलती है। कांग्रेस सर्वत्र है। हर कुर्सी पर है। हर कुर्सी के पीछे है। हर कुर्सी के सामने खड़ी है। हर सिद्धांत कांग्रेस का सिद्धांत है है।

 इतिहास साक्षी है कांग्रेस ने हमेशा संतुलन की नीति को बनाए रखा। जो कहा वो किया नहीं, जो किया वो बताया नहीं,जो बताया वह था नहीं, जो था वह गलत था। अहिंसा की नीति पर विश्वास किया और उस नीति को संतुलित किया लाठी और गोली से। सत्य की नीति पर चली, पर सच बोलने वाले से सदा नाराज रही। पेड़ लगाने का आन्दोलन चलाया और ठेके देकर जंगल के जंगल साफ़ कर दिए। राहत दी मगर टैक्स बढ़ा दिए। शराब के ठेके दिए, दारु के कारखाने खुलवाए; पर नशाबंदी का समर्थन करती रही। हिंदी की हिमायती रही अंग्रेजी को चालू रखा। समस्याएँ उठी तो कमीशन बैठे, रिपोर्ट आई तो पढ़ा नहीं। कांग्रेस का इतिहास निरंतर संतुलन का इतिहास है। समाजवाद की समर्थक रही, पर पूंजीवाद को शिकायत का मौका नहीं दिया। एक को बढ़ने नहीं दिया। दूसरे को घटने नहीं दिया।
आत्मनिर्भरता पर जोर देते रहे, विदेशों से मदद माँगते रहे। ‘यूथ’ को बढ़ावा दिया, बुड्ढों को टिकिट दिया। जो जीता वह मुख्यमंत्री बना, जो हारा सो गवर्नर हो गया। जो केंद्र में बेकार था उसे राज्य में भेजा, जो राज्य में बेकार था उसे उसे केंद्र में ले आए। जो दोनों जगह बेकार थे उसे एम्बेसेडर बना दिया। वह देश का प्रतिनिधित्व करने लगा।
एकता पर जोर दिया आपस में लड़ाते रहे। जातिवाद का विरोध किया, मगर अपनेवालों का हमेशा ख्याल रखा। प्रार्थनाएं सुनीं और भूल गए। आश्वासन दिए, पर निभाए नहीं। जिन्हें निभाया वे आश्वश्त नहीं हुए। मेहनत पर जोर दिया, अभिनन्दन करवाते रहे। जनता की सुनते रहे अफसर की मानते रहे।

इस देश से कांग्रेस को कोई समाप्त नहीं कर सकता। कांग्रेस कायम रहेगी। दाएँ, बाएँ, मध्य, मध्य के मध्य, गरज यह कि कहीं भी किसी भी रूप में आपको कांग्रेस नजर आएगी।


Saturday, 25 January 2014

दिल्ली में आम आदमी की सरकार

दिल्ली में आम आदमी की सरकार बन गयी ! हो सकता है की आने वाले समय में कुछ अन्य राज्यों में भी आम आदमी सरकार में आ जाय ! तब उस सरकार ने अगर कोई घोटाले किये तो कम से कम खबरों में सुनना तो अच्छा जरुर लगेगा !

जैसे :-

छातिसगढ़ में आम आदमी ने कोयले के इतने हज़ार लाख खाए !

बिहार में चारा के अरबो रूपये आम आदमी चबा गए !

झारखण्ड में हजारो करोड खा गए आम आदमी !

2-जी से पुहुचा आम आदमी को करोडो का फायदा !

सोचिये विदेशों में भारतीय लोकतंत्र के प्रति कितना अच्छा सन्देश जायगा ! एक मिसाल होगा विश्व में की देखो इंडिया में सभी लोग मिल जुल कर खा रहे है !
कुमार विश्वास जी का कहना था की वो जब विदेश जाय तो सुनना चाहते है “In India very clean politics “ !
एक कवी की कल्पना तो पूरी हो ही जायगी न !!!!!!!!

केजरीवाल की बीमारी

Yaar kya batau mujhe bhi na Arvind kejriwal wali bimari ho gayi hai...!

Are nahi imandari ka bhut nahi chada wo to main hun hi kyuki fattu hun esliye samay se tax bharta hun..!

Or riswat mujhe dega kon jo main luga kahan se !!

Sidhi si bat hai yaar mujhe bhi #KHANSI Ho gayi hai !!@₩€♡♡♥♥

महिला आयोग की भावना

सुना है कपिल के चुटकुलों से महिला की भावना आहात हो गयी है !.
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लगता है महिला आयोग को भाव कुछ ज्यादा ही दे दी गयी है जहाँ तहां भड़क कर टूट रही है ! यहाँ तो कपिल कह कर दिखाते है की लोगो को हसाना उनका उदेश है !

वरना महिलाये जो सीरयल पसंद करती है उनमे एक है "पवित्र रिश्ता " सुन्दर सुन्दर दिखने वाली महिला को कितना जहरीला बात करते हुए दिखाया जाता है भावना आहात नहीं होती इसमे महिला की !

अपमान ; बदला कूट निति क्या ये परिवार की कहानी है भावना आहात नहीं होती किसी की !

और सस्कार को तो नंगा कर के छोड दिया गया है बाज़ार में ; अब तो सच में इससे किसी की भी भावना आहात नहीं होती !

मुझे लगता था पढ़ लिख के महिलाओं का नैतिक विकास हुआ है पर याद आता है हमारे यहाँ एक पुराणी लोकोक्ति है !

"केतो सायानी तय्यो जननी "

पैदैसी बेशर्म

Ek dost ne kaha tum Besaram ho rahe ho..!

Maine kaha dost insan ki utpatti me besarni ka bada yogdan hai..! Socho agar mere Dada;-Dadi sarmate hi rahte to hum paid par latak kar ya dharti ke andar se to upjte nahi !!
Main to paidaiesi besaram hun log kahte hai jab main paida hua to naga hi tha !

Dost bola wo to sabhi hote hai..!

Maine kaha main to abhi bhi naga bazar chala jata hun..!

Dost;-dhaaaatttt.
Maine kaha sachi upar se kapde pahan leta hun andar se to naga hi hota hun..

Dost bola esme kon si badi bat hai sabhi hote hai..!
Maine kaha dhire bolo kisi mahila ne sun liya to unki bhawna aahat ho sakti hai.. fir aayog ki chitti aa sakti hai..!

कलयुग के हरिश्चंद्र

कलयुग के हरिश्चंद्र (केजरीवाल ) के घर कलयुग के विश्वामित्र (मोदी) के घर सबेरे सबेरे गए ! तो केजरीवाल घर के बाहर ही ब्रश करते हुए मिल गए !

मोदी ने कहा राजन कल आपने मेरे सपने में आके अपना पूरा राज पाठ मुझे दान कर दिया तो मैं वो लेने आया हूँ !

केजरीवाल मुह धोते हुए सपने में दान किया है न तो रात में सपने में अयो वही दुगा !

गठबंधन प्रेम का

प्रिय मित्र को समर्पित (पहलीबार और ताज़ी ब्रेकअप हुई है बेचारे की )

गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड का रिश्ता ऐसा है जैसे गठबंधन सरकार !इतिहास गवाह है गठबंधन घर्म के पालन में सैकडो समझोते करने पड़ते है ! मन संसद बन जाता है , राजनीती जोरो पर होती है , रोज नए दाँव खेले जाते हैं और रोज नए पैतरे बदले जाते हैं। अजब प्रेम की गजब कहानी।

इस राजनीती में लड़का स्वम को सत्ता पक्ष का समझता है और मज़े की बात तो ये है की लड़की भी स्वम के प्रति यही राय रखती है ! विवाद यहीं से शुरू हो जाता है ! फिर तो संसद सत्र बारहों महीने चलता है। न कोई छुट्टी, न कोई अवकाश। यहाँ बहस के लिए मुद्दों की आवश्यकता नहीं होती..."बहस अपनी जगह है और मुद्दे अपनी जगह।"

फिर आपके दोस्त स्पीकर की भूमिका अपना लेते है कभी कभी तो मार्सल बन कर आपको बाहर ही भिजवा सकते है ! गर्लफ्रेंड की फ्रेंड की कजरारी भोली नजरो पर मत जाए दरअसल ये शतिर अपनी भूमिका बदलने में एय्यारो को भी मात दे दे ! ये पत्रकार की तरह होते है सनसनी की तरह किसी को चटकारे ले कर सुना सकते है "ध्यान से देखिये भोला भाला दिखने वाला ये शख्स असल में वहसी दरिंदा है !"

अगर आप गुस्से में आके उसपर आघात करने की कोशिश करते है तो लोकतंत्र में स्वतंत्र प्रेस पर हमले से सबका बोखलाना भी लाजमी है , मानवाधिकार की बाते होगी , विपक्ष बात करने को राजी न होगा , आपके खिलाफ विशेष प्रताव लाने की तैयारी भी हो सकती है मतलब फोन पर ब्लेक लिस्ट् , फेसबुक पर ब्लोक !

इस राजनीती में भी अपने प्रधानमंत्री से कुछ सीखना चाहिए कभी कभी कमजोर होना राजनितिक रूप से सही होता है तो आपको भी सदन में सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांग लेनी चाहिए !

अंत में आपके लीये कबीर की ये लाइन याद आती है " दुइ पाटन के बीच में साबुत बचा न कोई.."

आकर्षण और गुरुत्वाकर्षण

सर्दी के मौसम में शारीर में पानी की कम जरुरत होती है क्यों ?

वैज्ञानिक कारण तो पढ़े लिखे लोग बतायगे , मैं व्यावहारिक कारण बताता हूँ ! वैसे इन पढ़े लिखे की बातों पर दिमाग पर ज्यादा लोड नहीं देना चाहिए !
अब देखिये न सीधे साधे आकर्षण को गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत बता कर पहुत प्राण पिए है बचपन से ही , वो जो सेव की बात थी न वो तो बस कहने की थी असल में बड़ी चालाकी से आकर्षण के केन्द्र बिंदु को प्रकाशित किया गया था !

खैर बात पानी की हो रही थी ,

असल में गर्मी के दिनों में सुन्दर सुन्दर लड़कियो की सुंदरता देख कर मुह में पानी तो आ ही जाती है ! तो एक्स्ट्रा पानी की जरुरत तो होगी न ! जो सर्दी के दिनों में बच जाती है !

सिंपल !!!!

बकलोल आदमी पार्टी

Padhe likhe log post se dur rahe bhawnaye aahat ho sakti hai..!

Modi samrkhak kahte hai main BJP Birodhi hun , Kejriwal samrkhak AAP ka wirodhi mante hai...!

Rahul ji ko to main kuch kahta nahi Menka Gangi jiski chahi ho usse kon kahe !!
MM SINSH to bechare bhale aadmi hai... unko kuch kahna to bhrun hatya ka paap lene jaisa hai..!!

Main to soch raha tha apni hi ek party bana lu..!

B. B. P (I)

BHARI BAKLOLAADMI PARTY (I)

Ghosna patr jald prakasit karta hun....!!

नया जूता

इंसनी फितरत है की जब नया जूता खरीदता है तो सर झुका के चलता है , कारण जो भी हो , !

ये तो बड़ी बात नहीं है की मैंने भी खरीदी , बड़ी बात ये हो गयी की चलते हुए दो बालिकाएं बगल से गुजर गयी पता भी नहीं चला ! तब लगा भारी नुकसान हो गया !

तभी जुते से दिव्य ज्ञान मिला ,

जूता ही है जो हमें भगवान के करीब नहीं जाने देता , जब हम मंदिर जूता खोल कर जाते है तो जूता चोरी होने का डर हमेशा रहता है तभी तो त्वमेव माता पिता त्वमेव , त्वमेव बंधू सखा त्वमेव ! तक तो भगवान को देख कर कहते है , जबकी जूते की तरफ देखकर "त्वमेव सर्वम देव देव !

साली शादी में जूता चुराती है उसका उदेश्य होता है नज़र इनायत मिलने से है !
एक और मेन बात समझ में जूता पहनने से आदमी में सराफत आ जाती है ! और सराफत से घर गृहस्ती तो चलने से रही !

शरत जोशी बागला फिल्म

एक बार बंगला सिखने का धुन सबार हुआ , मैंने सोचा क्यों न बंगला फिल्म देखी जाय,फ़िल्म की विशेषता थी कि वह बंगला में थी और हमारी विशेषता थी कि हम बंगला नहीं जानते। पर मैंने भी कसम खायी थी की चित्र से समझना है ......
एक बंगला फ़िल्म पूरी गरिमा के साथ देखने बैठे, कहानी बंगाल के एक छोटे से क़स्बे में रहनेवाले बंगाली परिवार की थी।और हम बड़ी जल्दी समझ गए कि फ़िल्म सामान्य प्रेमकथा नहीं है। हीरोइन (आह, क्या भरी–पूरी हीरोइन थी!) इंटर कर चुकी है और उसके बी.ए. करने की समस्या है।हीरो भी इसी समस्या से ग्रस्त था। हीरोइन से पहली मुलाकात में ही पूछा, तोमार बीए होये गे छे?
हीरोइन ने इस प्रश्न पर कुछ उड़ता–उड़ता–सा जवाब दिया, आमार बीए कोरबार दोरकार नेई।
हम समझ गए कि लड़की इंटर कर चुकी है, मगर फिलहाल बी.ए. करने कै मूड में नहीं है, मगर हीरो चाहता था कि हिरोइन बी.ए. कर ले। वह जब मिलता, हीरोइन से एक ही प्रश्न घुमा–फिराकर करता, बीए, कोरबे ना कोरबे?

पिक्चर में एक अदद विलेन भी था, वह भी चाहता था कि हीरोइन ग्रेज्युएट हो जाए। जब हीरोइन कमर में घड़ा दाब झरने की तरफ़ जाती, विलेन पगडंडी काट खड़ा हो जाता और कहता, शुंदोरी! आमी तोमार शोंगे बीए कोरबोई कोरबो!

हमें आश्चर्य हुआ कि यह मुछंदर विलेन बी.ए. करने से अभी तक सिर्फ़ इसीलिए रुका हुआ है, क्यों कि यह हीरोइन शुंदोरी के साथ बी.ए. करना चाहता है!कमबख़्त हीरोइन बी.ए. क्यों नहीं कर लेती?
समझ नहीं आ रहा था कि हीरोइन यूनिवर्सिटी डिग्री लेने के मामले में गंभीर है, अथवा नहीं। वह हीरो के सामने मान लेती कि वह बी.ए. कर लेगी, जो ज़रूरी भी है, मगर जब विलेन उससे कहता तो वह साफ़ इनकार कर देती। एक बार तो उसने विलेन को कसकर डाँट दिया, जेटा आमी भावी, शेटा आमी कोरबो।
एक और दृश्य में हीरोइन की सहेली ने हीरोइन को इसी विषय में समझाते हुए कहा कि तुम बी.ए. क्यों नहीं कर लेतीं। हीरोइन ने कुछ कहा जिसका अर्थ शायद था कि 'ठीक है, मैं कर लूँगी!'
मेरे ख़याल से इसके बाद फ़िल्म समाप्त हो जानी चाहिए थी।मगर ऐसा नहीं हुआ। विलेन के स्नेही मित्रों ने हीरो को डंडे से पीटा। जवाब में हीरो ने भी हाथ दिखाए। शैक्षणिक प्रश्न का अंतत: इस स्तर पर निपटारा होगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। हीरोइन ने हीरो की बाँह पर पट्टी बाँधी और कड़े शब्दों में अपने बाप से बी.ए. करने का ऐलान करते हुए कहा, आमा के बीए कोरते केऊ थामाते पारबे ना।
और सच भी है। इस स्वतंत्र भारत में यदि कोई बी.ए. का अध्ययन करना चाहे तो उसे कौन थाम सकता है? चित्र के अंत में हीरो हीरोइन का हाथ पकड़ एक ओर चला गया। शायद कालेज उसी ओर रहा होगा।

'बंगालवाले भी कमाल कर रहे हैं। कितनी नई थीम उठाकर फ़िल्में बना रहे हैं।' मैंने कहा।

वो तो बाद में एक मित्र दत्ता बाबु ने बताया अरे, बीए मतलब बैचलर ऑफ आर्टस्‌ नहीं। बीए यानी ब्याह, शादी, मैरेज।

Saturday, 4 January 2014

BALATKAR KI KHABAR

Balatkar ek jaghany apradh hai main bhi manta hun.. ese apradhi ko goli mar do ya fasi chadha diya jay ye to thik hai...!!

Lekin aaj kai case newes wagerah par sunta hun to sochne par wiwas ho jata hun ki ladki ko es bat ka pata ek mahine bad kyu chalta hai ..!!

Matlab ko kon sa paimana hai jisse ki pata chalta hai ki yaar ek sal se jo ho raha tha aslam me balatkar tha...!!

Merry Xmas".. !

Ek mahila mitr ne chat me likha.."Merry Xmas".. !!.
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Main to sirf "merry" padh kar 5 min tak main apne hone wale bachho ka nam chochne laga.

Thori der bat jab hosh aaya to aage padha to wahan "xmas" bhi tha..!!

Man to hua unse kahu devi ji mujhe to "merry" ke sath "me" add karke wahin utar do nahi jana aage !!

Par xmas mere padhne me Exam aaya.. nam sunkar hi halat kharab ho gayi, ki badi miskil se to un exam ke chakkar se jan chhuti hai...!!!

Ab merry ke liye bhi Exam dena hoga kya??

aam addmi ki sarkar

दिल्ली में आम आदमी की सरकार बन गयी ! हो सकता है की आने वाले समय में कुछ अन्य राज्यों में भी आम आदमी सरकार में आ जाय ! तब उस सरकार ने अगर कोई घोटाले किये तो कम से कम खबरों में सुनना तो अच्छा जरुर लगेगा !

जैसे :-

छातिसगढ़ में आम आदमी ने कोयले के इतने हज़ार लाख खाए !

बिहार में चारा के अरबो रूपये आम आदमी चबा गए !

झारखण्ड में हजारो करोड खा गए आम आदमी !

2-जी से पुहुचा आम आदमी को करोडो का फायदा !

सोचिये विदेशों में भारतीय लोकतंत्र के प्रति कितना अच्छा सन्देश जायगा ! एक मिसाल होगा विश्व में की देखो इंडिया में सभी लोग मिल जुल कर खा रहे है !
कुमार विश्वास जी का कहना था की वो जब विदेश जाय तो सुनना चाहते है “In India very clean politics “ !
एक कवी की कल्पना तो पूरी हो ही जायगी न !!!!!!!!