Saturday, 11 October 2014

यमलोक की कार्यप्रणाली

रात सपने में एक भयानक लड़की आई । और मुझसे कहा प्रियतम ठीक उसी वक्त धड़कने रूकती सी फील हुई और लगा जैसे दुनिना की बत्ती हो गयी हो ।
जब लाइट आई (होश) तो एक प्राचीन कल का सिपाही मेरी कलाई पकड़ कर मुझे खीच रहा था ।
मैंने कहा कौन हो भाई क्या कर रहे हो । वो बोला मैं यमदूत हूँ तुम्हारा यहाँ का कार्यकाल समाप्त हुआ चोलो ।
मैं तो ये सोचते सोचते सोया था की कोई लड़की मुझपर नहीं मरती और अब आप कह रहे हो मैं ही मर लिया ।
उसने कहा यही सच है मान लो और मेरे साथ चलो ।

हम छोड़ चले है महफ़िल को वाले अंदाज में हम उदास हो गए । फिर मैंने कहा सर सबेरे तक रुकते है मुझे मेरे स्वर्गवासी होने पर दोस्त रिश्तेदार का रिएक्शन देखना है ।

यमदूत बोल पहली बात तो अपने मुह मिया मिठू मत बनो स्वग और नरक का फैसला ऊपर होता है । रही बात रिएक्सन देखने की तो ये फेसलीटी तेरहवी तक नहीं दी जा सकती ।

हमारे यहाँ तो हर परलोक सिधारे लोगो को स्वर्गवासी ही कहा जाता है आपको क्यों आपत्ति है।

क्युकी तुम्हारे 90% स्वर्गवासी नर्क की ही शोभा बढ़ा रहे होते है।
मैंने कहा मैंने सुना है प्राण हरने यमलोक अधिपति यमराज आते है मुझे लेने क्यों नहीं आते ।
वो बोला यमराज जी अब वी वी आई पी को ही लेने आते है तुम जैसे एरु गेरू को तो हम ही निपटते है ।
मैंने कहा जिस हिसाब से हमारे यहाँ वी वी आई पी की संख्या बढ़ गयी है मुझे तो लगता है वो जरुर किसी के साथ डेट के चकर में पड़ गए है ।
खैर चलना कैसे है भैसे को किधर पार्क किया है ।
वो बोले कभी मोर्निंग वाक तो किया नहीं अब लास्ट वाक करते हुए चलेगे ।समझ लो न हाथी है न घोडा है वहां पैदल ही जाना है।
मेरे पास कोई आप्शन तो था नहीं । चलते चलते यमदूत मुझे बिना आर टी आई के यमलोक की कार्यप्रणाली समझा रहा था ।

बात करते करते कब यमराज के पास पहुच गए पता ही नहीं चला ।यमदूत ने चित्रगुप्त से मेरा खता खोलने का आग्रह किया । मैंने कहा महोदय परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है अपने कर्मो का मुझे भी पता है ।वैसे भी मुझे स्वर्ग जाने का कोई शौक नहीं है । कैटरिना करीना दीपिका भी तो उधर ही आयगी मुझे नर्क ही भेज दीजये। अपनी अप्सरा अपने पास रखिये।
फिर भी मेरा रिकॉर्ड चेक हुआ । मेरा अधिकांश टाइम तो फेसबुक पर ही बिता हुआ मिला । यमराज और चित्रगुप्त फेसबुक के बारे में जानने के लिए उत्सुक हुए । तो मैंने उनका accout खोल दीया । फिर वो कैंडी क्रश सागा खेलने में बीजी हो गए । यमलोक का लेखा जोखा मुझे ही देखना पड़ रहा था।
तो मैंने स्वर्ग की फेसलीटी कम कर दी । स्वर्ग में जाने वाले तो योगी आदमी है उन्हें अप्सरा की क्या आवश्यकता । जरुरत तो नर्क वालो को है इस सर्विस की...
कभी और कई बदलाव पर विचार कर ही रहा था की किसी ने दरवाजा खट-खटा दिया और मेरी नींद खुल गयी।

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