Saturday, 11 October 2014

EK HASINA SE MULAKAT

पिछले कई सालो से एक लड़की जिसे अबला कहना गलत होगा पर बला सी थी कह सकते है । मेरे सपने में आती थी कुछ कहती नही थी । मैंने भी सोचा चलो उम्र है अभी सपने में लड़की नहीं आएगी तो क्या

पहले तो सलवार में आती थी कुछ सालो से साड़ी मगल सूत्र के साथ सपने में आने लगी यानि बैधानिक रूप से उसकी शादी भी हो गयी फिर भी मेरे सपने में आती रही ।

तब मैंने हिम्मत करके पुछ ही लिया माता आप कौन हो और मेरे सपने में क्यों आती है । मैं तो आपको जनता तक नहीं ।
वो बोली तुम्हे तमीज बिलकुल नहीं है मैं तुम्हे माता दिखती हूँ ।।
मैं डर गया मैंने कहा बेटी ....
वो चिल्लाई बेटी .... मुझे गाली देते है थपड मार कर मुह तोड़ दुगी ।
मैंने कहा बहन जी गलत मत समझिये ।
वो गुस्से से टमाटर जैसी लाल हो गयी बोलो बिना मार खाए तुम सुधरोगे नहीं । अभी लोगो को बुला कर कहुगी ये मुझे छेड़ रहा है। बहन जी कह कर मेरी बेजती करता है ।

मैंने कहा आधुनिकता की हद हो गयी माँ बहन बेटी जैसे शब्द भी गाली लग रही है आपको ।
उसने कहा मैं महा आधुनिक हूँ ।
आखिर मैंने मैंम पर कम्परमईज किया।
मैंने कहा मैंने आधुनिक के बाद महाआधुनिक कही पढ़ा नहीं है फिर भी जितना जानता हु आपके महा आधुनिक होने में मुह पर मफलर की कमी है ।

खैर मैम ये बताव की आप हो कौन ।
वो बोली मैं "महगाई" हूँ ।

मैंने कहा तो आप हो महगाई । इतनी सुन्दर होगी आप ये कभी सोचा न था ।तभी आपने सबके नाक में दम कर रखा है । कई लोगो ने आपके चलते आत्महत्या भी कर ली ।

वो बोली थैंक्स फॉर योर कॉम्पलिमेंट।
मैंने कहा मैम आप गरीबो को क्यों इतना तडपती है । क्या आपमें जरा भी ममता नहीं है । उनके बच्चे भूखे सो जाते है तो आपके कलेजे में टीस नहीं उठती ।

वो थोडा भाबुक हो गयी बोली मैं इतनी बुरी नहीं हूँ मेरे पति मुझसे ये सब करवाते है ।
मैंने कहा कौन है आपके पति ।
वो बोली भर्ष्टाचार ,रिश्वत खोरी ,कालाबाजारी ,जमाखोरो .......
.
मैंने कहा ये सब आपके पति है आपने तो पूरा देह व्यापार चला रखा है ।

उसने एक जोरदार चाटा मेरे कान के नीचे मारा और मेरी नींद टूट गयी ।

पर झनझनाहट अब तक है ।

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