Tuesday, 5 August 2014

स्कूल का योगदान

हमारे समाज ही नहीं देश के प्रति स्कूल का अमुल्य योगदान है । यहाँ बच्चो को शिक्षा मिलती है उनका नैतिक विकास होता है ।

ऐसे सरोकार को बाते नहीं करुगा ,ऐसी बाते मुझ पर सूट भी नहीं करती ।

मैं तो बात करुगा चाहे चुनाव हो , जनगणना हो या कुछ भी देश के गाय बैल बकरी कुछ भी गिनना हो उनमे स्कूल के मास्साब का जो अमुल्य योगदान की ।

जाहे गाव में बाढ़ आ जाय या बारात सब के ठहरने की जगह है स्कूल । आपात काल में मलिट्री आ जाय तो जगह स्कूल ।

देश में जाग्रति लाने के लिए स्कूल के बच्चो का भी योगदान सराहनीय है । देश में चाहे पल्स पोलियो अभियान हो , सर्वशिक्षा हो

या फिर एड्स जाग्रति यहाँ तक की परिवार नियोजन तक के लिए स्कूली बच्चे ही जुलुस निकालने के काम में आते है ।

पा लेना

किसी की भी कोई चीज पा लेना कोई बड़ी बात नहीं , 
बस थोड़ी सी नीयत मगर ख़राब होनी चाहिए ।

मेरी जिन्दगी की डायरी ।

मेरी जिन्दगी की डायरी ।

कवार्फ़ पीले पड़ चुके है जिसकी ...

पर लफ्ज सुरक्षित है अब भी ...

कुछ पन्ने फट चुके है , वो जो किस्से का हिस्सा था अब वी नहीं है ।

एक गुलाब दवी है मगर जो सूख चुकी है । खुशबु मगर अब भी है उसमे ।

कुछ कोरे भी है पन्ने जो कहती है लिखेगी कुछ नयी कहानी के अल्फाज जिंदगी ।।

बेवफाई पर शायरी

पता नहीं बेवफाई पर लोग शायरी कैसे लिख लेते है। हम तो जब भी याद आती है बेवफाई की उसे 4 गाली दिल से देकर अपनी तबियत हरी कर लेते है ।

वो भी अच्छी वाली -

तेरी माँ को

सादर प्रणाम।

तेरी बहन को

कुछ नहीं उससे तो उम्मीद बाकी है ।

तेरी नानी दादी मौसी

से मुझे क्या लेना देना ।

दिल चीर के देख तेरा ही नाम होगा

सुबह से दौड़ रही है पगली चाकू लेकर मेरे पीछे ,
मैंने तो मजाक मजाक में कह दिया था

" दिल चीर के देख तेरा ही नाम होगा

hmmmmm

एक hmmmmm ने पहले से प्राण पी रखा था ।
उसपर upppssss और yappppp ने लोंच करके दिमाग की दही कर दी है ।
किसी डिक्सनरी में मतलब नहीं मिलाता । मेरे गुरु जी ने कभी बताया नहीं ।
मैं तो कोई नाला ढूंड रहा हु किधर कूद के मरू

sringar

Tere chanchal chanchal nain katar ,
uthte or girte palak aari si jisme hai dhar ,
karti waar baar bar katil khiladi lagti hai tu..

rupsi bikhre ye tere bal ,
barkha ki ho jaise fuhar ,
bijli si bizli girati  firti hai tu....

man ko bhati hai komal si kaya teri ,
har ko lubhati nischal bate teri
ful jharte hai jab khilkhilake hasti hai tu....