पता
नहीं बेवफाई पर लोग शायरी कैसे लिख लेते है। हम तो जब भी याद आती है बेवफाई
की उसे 4 गाली दिल से देकर अपनी तबियत हरी कर लेते है ।
वो भी अच्छी वाली -
तेरी माँ को
सादर प्रणाम।
तेरी बहन को
कुछ नहीं उससे तो उम्मीद बाकी है ।
तेरी नानी दादी मौसी
से मुझे क्या लेना देना ।
वो भी अच्छी वाली -
तेरी माँ को
सादर प्रणाम।
तेरी बहन को
कुछ नहीं उससे तो उम्मीद बाकी है ।
तेरी नानी दादी मौसी
से मुझे क्या लेना देना ।
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