स्कूटी पर मुह ढक कर जाती हुई लड़की को देखकर ऐसा लगता है जैसे कही डाका डालने जा रही हो।
ये तो फिर भी एक हद तक सही भी है की दिल तो लुट ही लेती है।
पर दिक्कत इस बात से है न चाहते हुए भी 70-80 के दसक के फिल्मो के डाकू मलखान सिंह का भयावह चेहरा इमेजिन होता है।
ये तो फिर भी एक हद तक सही भी है की दिल तो लुट ही लेती है।
पर दिक्कत इस बात से है न चाहते हुए भी 70-80 के दसक के फिल्मो के डाकू मलखान सिंह का भयावह चेहरा इमेजिन होता है।
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