Wednesday, 12 March 2014

शायरी 5

अभी एक शायरी लिखी है मतलब इतनी ताज़ी है की धुँआ निकल रहा है। like मत कीजये गा हाथ वाथ जल गया तो खुद जिम्मेदार होगे।

अर्ज़ है.....!
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मत कीजये इरसाद..... सुनाउगा तो फिर भी.....!.।
उनकी सादगी पर कौन न मर जाय ये खुदा,.
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.उनकी सादगी पर कौन न मर जाय ये खुदा,.
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उसे ये बात बता मत देना वरना सब को मार डालेगी।

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