Wednesday, 12 March 2014

मेरा पोस्ट पढना

किसी दोस्त ने कह दिया की उसको मेरा पोस्ट पढना बहुत अच्छा लगता है । मतलब उनको एक जूनून है। मुझे लगा की उनके दिमाग के सभी पुर्जे सही से काम नहीं कर रहे है। पर बेसिकली मेरी तारीफ हो रही थी तो ख़ुशी से इतना फूल गया की दिन भर फेसबुक से उठ भी नहीं पाया।

वो तो भला हो उस मच्छर का जिसके काटने से लिक हो गया और मेरी हवा निकली।
फिर कही पड़ा की राहु जब शनि के तीसरे कक्ष में हो और बुध उसके पिछवाड़े तो किसी घटिया राइटर की तारीफ करने से लाभ होता है।

तो लगा की उनको किसी ज्योतिषी ने ऐसा करने कहा हो । उनका सभी पुर्जा तो जगह पर है मेरा पुर्जा ही जगह पर नहीं।

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