Wednesday, 12 March 2014

shayri 4

आज दिल शायराना हुआ जा रहा है एक मारता हु बचिय ।

सनम तुझमे पूरा ब्रह्माण्ड नजर आता है।

नोट:- " ब्रह्माण्ड का किसी तरह से संधि बिच्छेद करने की कोशिश न की जाय ऐसे ही मुझ पर अभद्र भाषा लिखने का आरोप लगता है।"

फिर से ...

ये सनम तुझमे पूरा ब्रह्माण्ड नज़र आता है,
ये प्यार तूने मेरी दुनिया को कितना छोटा बना दिया ™!

No comments:

Post a Comment