Wednesday, 12 March 2014

चाय पर बुलाया है

मैंने कहा

शायद मेरी शादी का ख्याल उनके दिल में आया है इसी लिए मम्मी ने तेरे मुझे चाय पर बुलाया है।
वो बोली
अपनी सकल देखि है किचड जैसी सकल है तुम्हारी । मम्मी को कोई ख़याल नहीं आया पापा ने भाजपा ज्वाइन कर लिया है। बस इसलिए चाय पर बुलाया है।
मैं कहा मैं तो हूँ ही भाजपा का कट्टर समर्थक ।
वो बोली तभी तो तुमको बुलाबाया है कीचड में ही तो कमल खिलते है।

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