आज पहिला सफ़ेद बाल दिखा कान के पास काले बालो के बीच झाकते रजत तार ने सहसा मन को जिक्झोर दिया !
ऐसा लगा पार्क के घूमते हुए अचानक झाड़ी से शेर निकल आया हो !
अपने कान्हा को दृदय से लगाये राधा को अपने बाप के दर्शन हो जाय !
रोज आत्म रीती से आईने में घुघराले काले केशो के देख कर सवार कर प्रसन्न होता था !पर आज यह सफ़ेद बाल कान में फूस फुसा उठा " भाई मेरे एक बात कांफिडेंस में कहू अपनी दूकान अब समेटना शुरू कर दो !
तभी से दुखी हूँ ज्ञानी कहेगे जो आवाश्यम्भावी है उसे होने पर क्या दुःख ! मौत तो निश्चित है तो क्या जीवन भर समसान में अपनी चिता रचते रहे ! वो क्या कम ज्ञानी थे जो मरणासन्न लक्ष्मण को गोद में रख कर विलाप कर रहे थे !
दुःख है पर दुखी नहीं हूँ मैं मुझे गुस्सा है आईने पर वैसे तो यह बड़ा दयालु है हमेशा मुझे मेरा चेहरा सुधार कर दिखता रहा है आज अचानक क्रूर कैसे हो क्या एक बाल को छुपा नहीं सकता था ! अगर यह न दिखता तो कौन सा इसकी ईमानदारी पर कलंक लग जाता !
मगर आईने का क्या दोष बाल तो अपना सफ़ेद हुआ है जिसे सर पर रखा अपने शारीर का रस पिलाया वो धोखा दे गया !
उखाड़ तो दुगा इसे पर किले में सुरंग बन गयी तो दुसमन को आते देर नहीं लगेगी दुसमन को अपने सर पर बिठाये रखना होगा मालूम है कुछ ही दिनों में ये सभी वफादार बालो को भी अपनी ओर कर लेगा !
मैंने देखा है सफ़ेद बाल के आते ही लोगहिसाब लगाने लगते है की जीवन में अब तक क्या किया क्या पाया क्या जमा किया ! जीवन का हिसाब लगाना गलत है बेईमानी है व्यर्थ है ! बालो की जड़ बहुत गहरी नहीं होती ह्रदय से नहीं उगता यह सतही है ! यौवन सिर्फ काले बालो से नहीं होता ! यौवन नवीन भाव , नवीन विचार को ग्रहण करने की तत्परता का नाम है !यौवन सहस उत्साह निर्भयता और खतरों से भरी जिंदगी का नाम है !
यौवन लीक से बच निकलने की इच्छा का नाम है ! सबसे ऊपर बेहिचक बेबकुफिया करने का नाम यौवन है ! मैं बेबकुफिया करता हूँ ! कोई जरुरत नहीं है हिसाब करने की बाल सफ़ेद होते है तो क्या !
यह सब मैं किसी दुसरे को नहीं कह रहा अपने आप को समझा रहा हूँ किसी दुसरे से कोई भय नहीं है मेरे बाल सफेद हो जाने से किसी का क्या बिगड़ेगा पर मन तो अपना है इसे तो समझा पड़ेगा भैया आल इस वेल ! तू परेशान मत हो ऐसा भी क्या हो गया और अगर तू ढीला नहीं होता तो क्या बिगड़ने वाला है !
ऐसा लगा पार्क के घूमते हुए अचानक झाड़ी से शेर निकल आया हो !
अपने कान्हा को दृदय से लगाये राधा को अपने बाप के दर्शन हो जाय !
रोज आत्म रीती से आईने में घुघराले काले केशो के देख कर सवार कर प्रसन्न होता था !पर आज यह सफ़ेद बाल कान में फूस फुसा उठा " भाई मेरे एक बात कांफिडेंस में कहू अपनी दूकान अब समेटना शुरू कर दो !
तभी से दुखी हूँ ज्ञानी कहेगे जो आवाश्यम्भावी है उसे होने पर क्या दुःख ! मौत तो निश्चित है तो क्या जीवन भर समसान में अपनी चिता रचते रहे ! वो क्या कम ज्ञानी थे जो मरणासन्न लक्ष्मण को गोद में रख कर विलाप कर रहे थे !
दुःख है पर दुखी नहीं हूँ मैं मुझे गुस्सा है आईने पर वैसे तो यह बड़ा दयालु है हमेशा मुझे मेरा चेहरा सुधार कर दिखता रहा है आज अचानक क्रूर कैसे हो क्या एक बाल को छुपा नहीं सकता था ! अगर यह न दिखता तो कौन सा इसकी ईमानदारी पर कलंक लग जाता !
मगर आईने का क्या दोष बाल तो अपना सफ़ेद हुआ है जिसे सर पर रखा अपने शारीर का रस पिलाया वो धोखा दे गया !
उखाड़ तो दुगा इसे पर किले में सुरंग बन गयी तो दुसमन को आते देर नहीं लगेगी दुसमन को अपने सर पर बिठाये रखना होगा मालूम है कुछ ही दिनों में ये सभी वफादार बालो को भी अपनी ओर कर लेगा !
मैंने देखा है सफ़ेद बाल के आते ही लोगहिसाब लगाने लगते है की जीवन में अब तक क्या किया क्या पाया क्या जमा किया ! जीवन का हिसाब लगाना गलत है बेईमानी है व्यर्थ है ! बालो की जड़ बहुत गहरी नहीं होती ह्रदय से नहीं उगता यह सतही है ! यौवन सिर्फ काले बालो से नहीं होता ! यौवन नवीन भाव , नवीन विचार को ग्रहण करने की तत्परता का नाम है !यौवन सहस उत्साह निर्भयता और खतरों से भरी जिंदगी का नाम है !
यौवन लीक से बच निकलने की इच्छा का नाम है ! सबसे ऊपर बेहिचक बेबकुफिया करने का नाम यौवन है ! मैं बेबकुफिया करता हूँ ! कोई जरुरत नहीं है हिसाब करने की बाल सफ़ेद होते है तो क्या !
यह सब मैं किसी दुसरे को नहीं कह रहा अपने आप को समझा रहा हूँ किसी दुसरे से कोई भय नहीं है मेरे बाल सफेद हो जाने से किसी का क्या बिगड़ेगा पर मन तो अपना है इसे तो समझा पड़ेगा भैया आल इस वेल ! तू परेशान मत हो ऐसा भी क्या हो गया और अगर तू ढीला नहीं होता तो क्या बिगड़ने वाला है !
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