Sunday, 2 June 2013

तलाक

आज कल लोगो ने शादिया मचा राखी है , जिस दिशा में भी निकल जाव लोग शादी करते नज़र आ जायगे ! ऐसे में जब की हब्रिड नस्ल का माल हो ऊपर से हाय प्रोडक्सन तो डीफेक्टीव पीस तो निकलेगा ही ! और शादी डीफोल्ट का मतलब है संबंध बिच्छेद यानि तलाक !

तो मुझे तलाक ऑर्गनाइजर के छेत्र में अच्छा  स्कोप नज़र आ रहा है , वैसे वकील ये काम भी कर लेते है पर उनका रेट बहुत हाई है दूसरा प्यार के सम्बंधो का इतना निरस अंत भी अच्छा नहीं लगता !

कुछ  लोग तो तलाक लेने की विधि की जानकारी के अभाव में जन्दगी भर  बात बे बात पर तू तू मैं मैं करते रहते है ,मेरे हिसाब से परिवार नियोजन में  नाकाम रही सरकार को तलाक के छेत्र में आगे आना चाहिए ,आमिर खान , शैफ अली खान जैसे कलाकारों को नेशनल टी बी पर बताना चाहिए , यदि प्यार से रह नहीं सकते , प्यार से अलग तो हो ही सकते है ,तो प्यार की मिसाल के तौर पर तलाक की अर्जी दे!

जन  जन में यह संदेश पहुचाना होगा , पति पत्नी का पहला अक्षर है 'प ' क्योकि पहला दौर होता है "प्यार" का ! दूसरा अक्षर है 'त ' यानि आप दूसरे दौर"तकरार " में पहुच गए है ! अंतिम अक्षर है 'न' यह दौर है एक दूसरे के प्रति "नकारात्मक" भाव का ! इससे पहले यहाँ तक पुहुचे 'त' पर ही  तलाक ले लेना चाहिए !

सरकार को तलाक योजना चलाना चाहिए , आधा खर्च सरकार उठाये साथ में सम्मानपत्र दे तथा वेतन बढोतरी जैसी सुबिधा भी दे !

दो बच्चो के बाद तलाक पर विशेष सुबिधा दी जाय , तीन बच्चो वाले को एक और साल का मौका चार बच्चो के बाद फाईन के साथ तलाक दी जाय , चार से अधिक बच्चे वालो को सजा के तौर पर तलाक की अर्जी के लिए अबैध घोषित किया जाना चाहिए !

इन्टरनेट  भी तलाक में मदद कर सकता है , तलाक की विधिया बहुत है बस लेने वाला चाहिए !
हिन्दी में, तलाक डाट काम,
अंग्रेज़ी में डिवोर्स डाट काम।

फेसबुक  पर भी अनेक मिल जायगे जो तलाक दिलाने में सहयोगी बन जायगे !









Saturday, 1 June 2013

डरना जरुरी है


किसी  का खौफ दिल पर,आजतक तारी न हो पाया !
किया यो प्यार अपनों ने तो लगा डरना जरुरी है !!

अक्सर लोगो को कहते सुना है" जो डर गया वो मर गया " ! मेरे हिसाब से डरना जरुरी है ,अगर एक डर शब्द  जीवन से निकल जाय तो पुरे जीवन को असंतुस्ट  कर समूचे वातवरण को असंतुलित कर देगा जससे मानवता खतरे में पड़ सकती है !

रामचरित मानस में तुलसीदास ने लिखा है " भय बिन होत न प्रीती"

जो सही भी लगता है अगर भय न हो तो प्यार नहीं हो सकता ! भय ही है जो संसार में आपसी प्रेम को  जोडे हुए है !



भय प्रेम का ही दूसरा रूप है, इसलिए हर बात की व्याख्या जो प्रेम से की जा सकती है, वह भय से भी की जा सकती है.



भय अतीत का एक चिह्न है जो वर्तमान में भविष्य दर्शाता है. या तो संत को नहीं होता या फिर  मुर्ख को अन्यथा हर अवस्था में भय होता है ! संसार को व्यस्थित करने के लिए भय आवश्यक है !

मृत्यु का भय जीवन की रक्षा करता है !

गलती  का भय सही राह पर रखता है !

बीमारी  का भय स्वक्ष्ता को प्रोत्साहित करता है !

दुःख  का भय नेकी के मार्ग पर रखता है !


जब व्यक्ति भय को स्वीकार नहीं करते, वे अहंकारी हो जाते हैं,
भय को मिटाने का प्रयास नहीं करना चाहिए - केवल ध्यान रखना चाहिए या तो मैं या  कोई भी नहीं..