अपने
फोन के इतिहास पर अगर नज़र डाले तो पहले तो बीएसएनएल का चोगा हुए करता था ,
नंबर एक पर फोन लगे होते थे कई रूम में , मुझे तो अभी भी याद है मेरी गर्ल
फ्रेंड से मेरे बाप जी ने मेरे हिस्से की गाली खायी थी ! और फिर जो मुझे
खिलाई थी ! उस वक्त एक इंटरेस्ट होता था फोन लगाने में की आखिर उठेगा कौन !
मम्मी फोन उठा ले तो बैचैनी भी होती थी ! पुरे गाव में चार ही फोन थे पर
काम पुरे गाव का चल रहा था !
फिर आया नोकिया 3310 घर में वही जिससे हथोरे का काम भी लिया जा सकता था , गन्दा हो जाय तो बर्तन के साथ दे दो धोने के लिए ! सारे फीचर्स का बाप था उसमे वो सांप वाला गेम ! पर उसपर तो पिता श्री का ही कब्ज़ा हुआ करता था !
मेरा पहला मोबईल फोन नोकिया 1600 ! कमाल का फोन था गिरने पर तीन टुकडो में बिखर जाता था फिर उठा कर पज्ज़ल की तरह जोड़ दो फिर चालू ! पर नोकिया यूजर में एक दिक्कत है कितना भी हायटेक मोबाइल वाला हो सब जगह जाके कहता है भाई सब पतली पिन का चार्जर होगा क्या !
फिर आया मिक्रोमक्स 15 दिन का बेटरी बेकअप ! फिर लावा के झनझनाहट से होते हुए पहुच गए सेम्सग तक ! यु तो उगली करने की आदत तो नहीं फिर टच स्क्रीन सेट ली है ! अजीब मुसिबत पाल ली है मैंने तो , यार करने कुछ जाव हो कुछ जाता है ! एक तो पहले किसी ने कुछ गलत बात की तो झट से काट तो सकते थे पर इसमे तो वो तेवर दिखाने का मौका भी नहीं मिलाता !
आगे और भी है एप्पल , इ –फोन ... इसमे क्या होता है ये तो भगवान जाने या फोन वाले ! पर आई- फोन का नया मोडल लोंच होने वाला था तो कुछ लोग तो इतने एक्साईटेड थे जैसे नए बच्चे के बाप बनने वाले हो !एक और है आई पैड मुह से बड़ा फोन ही होता है ! यार 45000 खर्च करने की मेरी तो औकात भी नहीं और इतना खर्चा करके आफत क्यों मोल लेना , इसे तो युज करने से जयादा तो चार्ज ही करना पड़ता है !
फिर आया नोकिया 3310 घर में वही जिससे हथोरे का काम भी लिया जा सकता था , गन्दा हो जाय तो बर्तन के साथ दे दो धोने के लिए ! सारे फीचर्स का बाप था उसमे वो सांप वाला गेम ! पर उसपर तो पिता श्री का ही कब्ज़ा हुआ करता था !
मेरा पहला मोबईल फोन नोकिया 1600 ! कमाल का फोन था गिरने पर तीन टुकडो में बिखर जाता था फिर उठा कर पज्ज़ल की तरह जोड़ दो फिर चालू ! पर नोकिया यूजर में एक दिक्कत है कितना भी हायटेक मोबाइल वाला हो सब जगह जाके कहता है भाई सब पतली पिन का चार्जर होगा क्या !
फिर आया मिक्रोमक्स 15 दिन का बेटरी बेकअप ! फिर लावा के झनझनाहट से होते हुए पहुच गए सेम्सग तक ! यु तो उगली करने की आदत तो नहीं फिर टच स्क्रीन सेट ली है ! अजीब मुसिबत पाल ली है मैंने तो , यार करने कुछ जाव हो कुछ जाता है ! एक तो पहले किसी ने कुछ गलत बात की तो झट से काट तो सकते थे पर इसमे तो वो तेवर दिखाने का मौका भी नहीं मिलाता !
आगे और भी है एप्पल , इ –फोन ... इसमे क्या होता है ये तो भगवान जाने या फोन वाले ! पर आई- फोन का नया मोडल लोंच होने वाला था तो कुछ लोग तो इतने एक्साईटेड थे जैसे नए बच्चे के बाप बनने वाले हो !एक और है आई पैड मुह से बड़ा फोन ही होता है ! यार 45000 खर्च करने की मेरी तो औकात भी नहीं और इतना खर्चा करके आफत क्यों मोल लेना , इसे तो युज करने से जयादा तो चार्ज ही करना पड़ता है !
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