हम ग़ज़ल में तेरा चर्चा नहीं होने देते !
तेरी यादों को भी रुसवा नहीं होने देते !!
कुछ तो हम खुद भी नहीं चाहते शोहरत अपनी !
और कुछ लोग भी ऐसा नहीं होने देते !!
अज़मतें अपने चरागों की बचाने के लिए !
हम किसी घर में उजाला नहीं होने देते !!
मुझको थकने नहीं देता ये ज़ुरूरतों का पहाड़ !
मेरे बच्चे मुझे बूढ़ा नहीं होने देते !!
तेरी यादों को भी रुसवा नहीं होने देते !!
कुछ तो हम खुद भी नहीं चाहते शोहरत अपनी !
और कुछ लोग भी ऐसा नहीं होने देते !!
अज़मतें अपने चरागों की बचाने के लिए !
हम किसी घर में उजाला नहीं होने देते !!
मुझको थकने नहीं देता ये ज़ुरूरतों का पहाड़ !
मेरे बच्चे मुझे बूढ़ा नहीं होने देते !!
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