यु तो मैं शकल से ही ढावे पर खाने वाला नज़र आता हूँ ! पर मेरी भी इच्छा हुई कॉफी पीने की तो मैं रेस्टोरेंट चला गया !
कई कारण है की मैं रेस्टोरेंट में नहीं जाता !
एक तो जाते ही बड़ा सा चिठ्ठा थमा देते है वो भी अग्रेजी में लिखी हुई ! और उसमे भी अजीब अजीब आइटम के नाम लिखे होते है ! एक तो आज तक सस्पेंस है की पनीर बटर मसाला में घी डालते है की मख्खन ! मुगी के इतने टाइप होते है की कनफुजिया जाते है ! अपन तो मुर्गी की मुंडी मचोरो छिलो पकाव खाव में यकी रखने वालो में है !
दूसरी की कुर्सी टेबुल ए सी पर इतना खर्चा किया दो चार बल्ब लगा देते तो कितना खर्चा हो जाता ! इतने में एक भाई साब शायद अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पधारे और आते ही कोने का टेबल पकड़ा तब बल्ब का लोजिक मेरे समझ में आया !
पर उन भाई साब पर तरस आ रहा था क्योकि उनकी गर्लफ्रेंड शायद अपने साथ अपनी भी गर्लफ्रेंड को साथ ले कर आई थी ! माले मुफ्त दिले बेरहम लगाव कप पे कप ! बेचारे डबल खचा करके भी हाथ मलते ही रह गए ! अपना नहीं यार !!!!
मेरी कॉफी आ गयी मैं तो उसे जल्दी से पीने लगा की कही उन भाई साब और बहन जी के चक्कर में मेरी ठंढी हो गयी तो कोल्ड कॉफी का रेटे 40 रु था !!!!
कई कारण है की मैं रेस्टोरेंट में नहीं जाता !
एक तो जाते ही बड़ा सा चिठ्ठा थमा देते है वो भी अग्रेजी में लिखी हुई ! और उसमे भी अजीब अजीब आइटम के नाम लिखे होते है ! एक तो आज तक सस्पेंस है की पनीर बटर मसाला में घी डालते है की मख्खन ! मुगी के इतने टाइप होते है की कनफुजिया जाते है ! अपन तो मुर्गी की मुंडी मचोरो छिलो पकाव खाव में यकी रखने वालो में है !
दूसरी की कुर्सी टेबुल ए सी पर इतना खर्चा किया दो चार बल्ब लगा देते तो कितना खर्चा हो जाता ! इतने में एक भाई साब शायद अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पधारे और आते ही कोने का टेबल पकड़ा तब बल्ब का लोजिक मेरे समझ में आया !
पर उन भाई साब पर तरस आ रहा था क्योकि उनकी गर्लफ्रेंड शायद अपने साथ अपनी भी गर्लफ्रेंड को साथ ले कर आई थी ! माले मुफ्त दिले बेरहम लगाव कप पे कप ! बेचारे डबल खचा करके भी हाथ मलते ही रह गए ! अपना नहीं यार !!!!
मेरी कॉफी आ गयी मैं तो उसे जल्दी से पीने लगा की कही उन भाई साब और बहन जी के चक्कर में मेरी ठंढी हो गयी तो कोल्ड कॉफी का रेटे 40 रु था !!!!
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