Tuesday, 17 December 2013

सेव

एक आदमी पुलिस नौकरी की इंटरव्यू देने गया !
अफसर ने पहला सबाल किया , मान लो ५० रु किलो सेब है तो तुम १०० ग्राम का कितना दोगे !
आदमी - पुलिस की नौकरी करुगा फिर भी १०० ग्राम सेब के भी पैसे दुगा लानत है !
अफसर - समझे नहीं चोलो मैं खरीदने जाऊ तो कितना दुगा !
आदमी - आप तो साहब हो आप क्यों दोगे कितने पेटी भिजवाने है आप तो बस हुकुम करो !
अफसर - अगर तुम्हारी बीबी ख़रीदे तो !
आदमी - अपनी बीबी को मैं जनता हूँ , अगर सौ ग्राम ख़रीदेगी तो सौ ग्राम का ही पूछेगी भाव !
अफसर - अगर तुम्हारा बाप खरीदे तो !
आदमी- मेरा बाप सेब क्यों खरीदेगा दांत नहीं है उनके वो तो बस केला खरीद सकते है !
अफसर - तुम्हारा भाई तो होगा वो तो खरीद सकता है , वो कितने देगा मेरे बाप !
आदमी - अपने भाई को कभी सेब खरीदते देखा नहीं वो तो पौवा खरीदता है !
अफसर - ओके ओके तुम्हारा कोई जिगरी दोस्त तो होगा वो पुलिस भी नहीं होगा वो तो खरीद सकता है !
आदमी - है न जिगरी दोस्त ! पर वो अगर सेब खरीदेगा तो दुकानदार को ५ रु देगा और कहेगा इतने के दे दो !
अफसर - हद हो यार !
आमदी - हद तो आप कर रहे हो साहब नौकरी दोगे एक को और सौ ग्राम सेब खरीदने में लगा दिया मेरा पूरा खानदान !
अफसर - सर नोचते हुए अच्चा अगर आम आदमी ख़रीदे तो !
आदमी - साहब जी आजकल आम आदमी सेब कहा खरीद पता है , सेब तो खास आदमी ही खरीदते है !
अफसर - अब तो बता दो खास आदमी ख़रीदे तो कितना चुकय्गा !
आदमी - अब जो खास आदमी है वो भला सेब खरीदने खुद क्यों जायगा जायगे उसके नौकर चाकर , चलो आपकी बात मान कर खुद चला भी गया तो क्या सौ ग्राम खरीद कर आयगा ! मान लिया आपकी अंतिम इच्छा समझ कर खरीद भी लिया तो उसका हिसाब तो देगे उसके सी . ए , पी ए !

अफसर झल्लाते हुए तुमने सीधे सबाल को कहा पहुचा दिया पर जबाब नहीं दिया !
आदमी - साहब आपही इस सबाल के पीछे पड़े हो मुझे तो सुरु से ही ये सबाल पसंद नहीं !

सारे फसाद की जड है सेब ...
अगर सेब न होता तो न आदम होते न हौवा , न हम होते न आप , न किलो होता न पौवा ! कहते है एक सेब आदमी को बीमारी से दूर करता है ! बीमारी से दूर रहता है तो आदमी तंदुरुस्त रहता है , तंदुरुस्त रहता है तो मेहनत करता है , मेहनत करता है तो तारकी करता है , तरक्की करता है तो शादी हो जाती है , शादी हो जाती है तो दुनिया भर का टेंशन !

लो और खाव सेब ......!!!!!

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