याद हमारी उसको भी जब आ जाती होगी ,
फिर कैसे वो खुद को समझाते होगे ..... !! ?
युही बैठे बैठे जब खयालो में खो जाती होगी ,
फिर कैसे खुद को वो बहलाती होगी ..... !!?
सावन की रिम-झिम जब आग लगाती होगी ,
वो कैसे फिर मन की उलझन को सुलझाती होगी !!?
पायल की रूंन झुंन जब नाम मेरे दुहराती होगी ,
फिर कैसे वो खुद को मानती होगी .... !!?
अपने साजन के बाहों में छुप कर तो वो सो जाती होगी ,
फिर दर्पण में खुद से नज़रे कैसे मिलाती होगी ....!!?
याद हमारी उसको भी जब आ जाती होगी ,
फिर कैसे वो खुद को समझाते होगे ..... !! ?
फिर कैसे वो खुद को समझाते होगे ..... !! ?
युही बैठे बैठे जब खयालो में खो जाती होगी ,
फिर कैसे खुद को वो बहलाती होगी ..... !!?
सावन की रिम-झिम जब आग लगाती होगी ,
वो कैसे फिर मन की उलझन को सुलझाती होगी !!?
पायल की रूंन झुंन जब नाम मेरे दुहराती होगी ,
फिर कैसे वो खुद को मानती होगी .... !!?
अपने साजन के बाहों में छुप कर तो वो सो जाती होगी ,
फिर दर्पण में खुद से नज़रे कैसे मिलाती होगी ....!!?
याद हमारी उसको भी जब आ जाती होगी ,
फिर कैसे वो खुद को समझाते होगे ..... !! ?
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