Thursday, 15 August 2013

Vm Bechain

मिल गई आज़ादी अब मुख्तलिफ सविंधान लिखूंगा
जा महोब्बत तिरा कभी नही गुणगान लिखूंगा

अंग्रेजो से भी बदतर निकला तेरा व्यवहार
तारीख में तुझे सौ टका बेइमान लिखूंगा

जान गया खूबसुरती के पीछे की बद्सुरती
कैसा रहा तुम्हारा सब दीन ईमान लिखूंगा

कैसी थी तेरी सोच लोग खुद समझ जाएंगे
केवल तेरा नाम जब मैं पाकिस्तान लिखूंगा

जूनून मकसद रखना किसी के इश्क का नही
माने तो नौजवानों को आहवान लिखूंगा

जमीन पर झूठ फरेब मक्कारी बढ़ गई ज्यादा
इसीलिए नही झुकता कभी आसमान लिखूंगा

तसल्ली रख थोड़ी सी बुरा दौर गुजरने दे
लिए किस किसने बेचैन सभी इंतिहान लिखूंगा

via-  (bhanu)

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