Tuesday, 11 June 2013

प्रेम का कलर



एक पुराने मित्र मिल गए जिन्होंने कुछ दिन पहले प्रेम विवाह किया था ! मैंने कहा दोस्त तुम तो प्रेम की गहराई में गए हो , तो ये बताव प्रेम का कलर क्या होता है !

बेचारे के आँखों में आंसू आ गया!
मैंने पुछा क्या हुआ ?
उसने कहा जब कोई प्रेम विवाह की बात करता है तो मेरी आंखे भर आती है , लोगो को तो कह देता हूँ खुशी के आंसू है पर तुम दोस्त हो झूठ बोल नहीं सकता !
फिर आंसू पोछते हुए उसने बताया यार गहराई में कुछ दीखता तो नहीं , पर मेरे हिसाब से प्रेम का कलर लाल ही होगा !
क्योकि कभी एक लड़की पे दिल आ गया था , और दिल का मैंन फग्सन तो पता ही है खून को रिफाइनल करना है , खून जो लाल होता है ! जब दिल आया तो पहली बार प्रपोज करने लाल गुलाब लेकर गए थे , लड़की ने इतनी जोर का चाटा मारा था की गाल लाल हो गए थे !

प्यार की चाह में ललाईत मैंने दूसरी लड़की को सेम प्रोसेस में प्रपोज मारा बदकिस्मती से उसने अक्सेपट कर ली ! और लाल जोड़े में मेरे घर आ गयी !लाल लाल मेहदी रचे हाथो से  अब तक सिने पर दाल दर रही है !
 वो वाला प्यार तो अब रहा नहीं बस उस प्यार की निशानी अपने लाल को गोद पर लिए घूमता फिरता हूँ !

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