Saturday, 22 June 2013

माँ

एक कहानी .....
एक कलाकार मृदंग बजाने शहर से दूर जंगल में जाता था जहाँ उसे सुनने वाला कोई न था पशु पक्षी भी उसकी मृदंग सुन के भाग जाते सिर्फ एक मेमना था जो सुनता था और मृदंग की हर थाप पर उछल उछल जाता ......

कलाकार को लगता था यह मेमना जरुर पिछले जनम में कोई संगीतकार रहा होगा . एक दिन उस जंगल से एक साधू गुजरे उन्होंने उस कलाकार को जानवरों की भाषा समझे और बोलने की शक्ति दे दी , तो कलाकार ने मेमने से पूछा भाई तुम्हे संगीत समझ में आती है ........

मेमने ने कहा ......

दोस्त मैं नहीं जनता संगीत क्या है , इसमे क्या होता है , मुझे तो इतना पता है जो तुम बजाते हो उसपर मेरी माँ की खाल लगी है जब तुम उसे पिटते हो तो मेरे दिल में चोट लगती है और मैं दर्द से उछल जाता हूँ /

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