Thursday, 6 June 2013

PAPA

हर जगह माँ के प्यार को प्यार के रूप में प्रदर्शित किया जाता है , माँ के प्यार पर शक नहीं पर , पर पापा का प्यार क्या प्यार नहीं होता तो कोई कहता क्यों नहीं !

"‘क्या हुआ अगर पापा कह नहीं पाते पर मुझे पता है, वो मुझसे बहुत प्यार करते है’"
  माँ का प्यार दीखता है पर बाप का प्यार इतना गहरा होता है की उसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है ,याद होगा आपको जब बचपन में आपकी मां बड़े प्यार से आपके सिर पर हाथ फेरकर आप से प्यार करने का अहसास कराती होंगी पर आपके पिता बस आपकी तरफ देखकर केवल यही पूछ्ते होंगे कि “मेरे बेटे को किसी चीज की जरूरत तो नहीं है ना.”!सोचिए जरा पिता का यह सब पूछ्ना, उनकी बातों और आंखों में कितना प्यार दिखाता है

माँ  की गोद अगर जन्नत है तो पिता के कंधे को क्या कहू जिसपर बैठ कर घुमा करते थे , माँ अगर पहली पाठशाला है तो पिता वश्वविद्यालय !

माँ ने अगर जिंदगी दी है तो पिता ने जीना सिखाया है , पिता की सख्ती ठीक उस तरह है जैसे की सोने को पहले तपाया जाता है , पिता ने हमें मेहनत और ईमानदारी का पाठ पढाया है !

"LOVE YOU PAPA"

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