Thursday, 13 June 2013

फेसबुक अकाउंट

मैंने भगवान से कहा:-

रात को नींद नहीं आती ...
एक  बेचैनी सी रहती है ...
कसी  का इंतजार होता है ...
दिल को करार नहीं मिलता ...
वक्त  का ख्याल नहीं रहता ...
बिना  मतलब हसी आ जाती है ...
दुनिया , दोस्त भी अच्छे नहीं लगते ...


भगवान ने कहा फेसबुक पर अकाउंट बनाने के लिए मैंने तो नहीं कहा था ! अब मुझे क्यों सुना रहे हो !

मैंने कहा :- भगवन

मुझे तो अब  तन्हाई में बैठना अच्छा लगता है ,,,
अजीब अजीब से ख्याल आने लगे है ...
लोग मुझसे खफा खफा से रहने लगे है ...
भीड में खुद को तनहा पाता हूँ ...

भगवान :- अपनी सकल आईने में तो देख लो और भगवान के लिए  प्यार वाला एक्स्प्रेसन मत दो ! बेटा सारे पेज के एडमिन का हाल यही है !
 बड़ा शौक था एडमिन बनाने का अब रो क्यों रहे हो मेरे आगे ! और आगे कुछ कहा तो कान के निचे ऐसा बजाऊँगा की पस्वोर्ड ही भूल जाओगे !

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