Wednesday, 15 May 2013

राजनीती का जानवरी करण



पब्लिक अभी तक इस गलतफहमी में ही है कि वह इंसानों को वोट देकर चुनती है,पर भारतीय राजनीती का जन्विकरण हो रहा है .......

खुजली वाला कुत्ता , साधरण कुत्ता , pomeranian कुत्ता , शेर तो पहले से ही थे , दीमक , सांप , बिच्छु ने अभी अभी ज्वाइन किया है खेर कुत्तो का तो इंसानों से पुराना नाता है, शेर ,सांप को तो पहले से संरक्षण प्राप्त है। उम्मीद है जल्द ही दीमक बचने का कोई अभियान सरकार चलेगी।

इसपर छिपकल, गिदर , सियार विरोध जाता सकते है की हमलोगों को मुख्य धारा से अलग करके सांप बिच्छु को जोड़ा जा रहा है।

नवोदित काकरोच भी कूदे,बोले चीन से खबर आयी है(एनबीटी 4 मार्च, 2013, लास्ट पेज) कि काकरोच की तीन नयी प्रजातियां मिली हैं-स्यूटोफोरासपिस क्लावेलाटा, स्यूटोफोरासपिस रिकर्वाटा और स्यूटोफोरासपिस इनर्क्वाटा, इनका जिक्र भी पालिटिक्स में चलना चाहिए।

नवोदित काकरोच स्यूटोफोरासपिस क्लावेलाटा बोला- हमारे तो नाम ही पालिटिक्स के लिए फिट हैं। नेताओं के नाम ये ही रख दो, ज्यादातर वोटर सही नाम बोल ही ना पायेंगे। फिर नेता डपटे वोटर को-अबे नाम तो सही बोल ले मेरा, फिर काम की बात करियो। नाम सही नहीं, तो काम भी सही नहीं। गलत काम का एक और काकरोची बहाना मिलेगा ना।

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