Friday, 10 May 2013

सस्ता एवं टिकाऊ घरजमाई



बड़े बुजुर्ग बताते है की जब मैं पैदा हुआ था उसी वक्त से मुझे हसने और रोने से परहेज था , मतलब दूध देने में एक आत घंटा इधर उधर हो जाए तो अपन रोते चिल्लाते नहीं थे ! माँ बाप भी खुश थे की विकट संतोषी बच्चा है !!!

समस्या तो तब शुरू हुई जब साल भर बाद मैंने बोलने और चलने से भी कतराने लगा, डॉक्टर को दिखाया गया फलाने,ढकाने, टिकाने सारे टेस्ट कर लिए गए डॉक्टर साहब परेशान अच्छा खासा तंदरुस्त बच्चा है कोई बीमारी भी नहीं फिर एसा क्यों कर रहा है ?

फिर माता श्री मुझे लेकर एक पहुचे हुए बाबा के पास पहुच गयी , बाबा जी ने मुझे आगे से पीछे से अच्छी तरह देखा और अपनी योग शक्ति भिडाई पर कुछ हाशिल नहीं हुआ , तब उन्होंने बताया कुछ नहीं हुआ इसे,ढंग कर रहा है !!
माता श्री बोली बच्चा है बाबा, तब बाबा ने उन्हें समझाया इसे आलस्य की बीमारी है !!!! ये पैदासी आलसी है इसका कोई इलाज नहीं है !!!!!!!!!!!!


चुकी मैं पैदासी आलसी हू तो जिस प्रकार बच्चा बड़ा होकर जवान हो जाता है उसी तरह आलसी बड़ा होकर निकम्मा !! वैसे तो हर बाप को बेटा निकम्मा ही लगता है , किसी भी बाप से पुछ लीजये 99.5 % गुण बतयेगे तो बेटे में 0.5% दोष बतयेगे ही ! क्योकि वो बाप है बाप ही रहना भी चाहते है !! राष्ट्रीय बाप गाँधी जी  की कसम मैं अभी बाप की प्रव्रिती से दूर हूँ क्योकि अभी तक अपनी बारात में सामिल नहीं हुआ !

मेरे दिमाग में एक धमाकेदार, धांसू  आईडिया आया है , क्यों न अपने कुवारेपन को भजा  लू ! और अपने दूसरे बाप यानि ससुर के शरण में घरजमाई बन कर चला जाऊ ! इससे मेरे बाप को भी कुछ दिनों की शांति मिलेगी , और जमाई कितना भी निखट्टू , नाकारा  हो ससुर के लिए तो सदा आदरणीय रहा है ! कुछ अपवाद हो सकते है पर उसपर कौन दिमाग लगाये , ससुर की प्रजाति तो गाय की तहर होती है जो खाने को दूध भी दे और अपना बच्चा यानि बेटी भी !

इसलिए वधु चाहिए सामाजिक कार्यक्रम के तहत अखबार में इश्तेहार देने की सोच रहा हूँ ! उसका नमूना :-

सस्ता एवं टिकाऊ घरजमाई उपलब्ध है !!
क्षत्रिय राजपूत सुन्दर (एक झूठ तो भगवान भी माफ़ करता है) , सुशील ,गुणकारी , गृहकार्य में दक्ष (मगर करेगा एक भी नहीं ), वर को घरजमाई बनाने हेतु स्वजातीय कन्या के पिता संपर्क करे ! इकलोती पुत्री के पिता को प्रार्थमिकता दी जायगी !
आवेदन करता आवेदन के साथ :-
१)     अपने आय का लेखा जोखा इन्कमे टेक्स द्वरा मान्यता प्राप्त या साल भर का अकाउंट किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से अभिप्रमाणित कर संलिप्त करे !
२)    आवेदन के साथ Rs-151 का डी डी  लगाये ! चाहे तो RTGS के माध्यम से पेमेंट कर चलान संलिप्त करे ! BOI A/C no- 320120003221 (IFSC Code:- RBJC4225)

Note:-  चलान या डी डी अनिवार्य है , अन्यथा बिना सुचना के आवेदन रद्द कर दी जयगी !!!!!
पता :-
S. K TARAFDAR RODE
ADAMPUR
BHAGALPUR
Ph:- 9876543210

No comments:

Post a Comment