Friday, 10 May 2013

पोस्ट चोरी से बचाव



वैसे तो कसी भी लिखने वाले के लिए ये खुशी की बात होती है की उसका लिखा कोई चोरी से ही क्यों न पढ़े , पर एक कश्मकश रह जाती है की आखिर कोई मेरे लिखे को पढ़ भी रहा है या नहीं ?मेरे मित्र पोस्ट को लाइक करना अपने शान के खिलाफ समझते है , उनके शान में कोई गुस्ताखी हम भी नहीं करना चाहेगे ! पर  जब कसी मित्र के वाल पर अपना किया पोस्ट दिख जाता है तो लगता है नहीं कोई पढ़ तो रहा है ! मगर ये डर भी होता है की कही उसने भी वही से तो नहीं चुराया है जहाँ से मैंने चूरया था !
कोई तो  मेरे पोस्ट करने के चार दिन बाद सेम स्पेलिंग मिस्टेक के साथ अपने फित्ति चित्र(wall) पर लाइक बटोर रहे होते है , तब लगता है हमारे ख़यालात, विचार, कितने मिलते जुलते है !!!
मैंने अपने पोस्ट को चोरी होने से बचाने के लिए कुछ नायब तरीके धुंढ निकाले है, आप में से कोई  चाहे तो इसे अपना बता कर प्रचार कर सकता है ! (जैसा की मैंने किया है !!!!)

कैसे बचाए अपने पोस्ट को चोरी होने से :-
१)      न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी के सिद्धांत पर आधारित यह पोस्ट को चोरी से बचने का सबसे सरल रास्ता है , की आप तुरंत लिखना बंद कर दे! इधर लिखना बंद उधर चोरी बंद !
२)     पहले उपाय की सफलता के लिए जरुरी है की आप अपना अकाउंट डीक्टिवेट कर दे , वरना दुबारा लिखने क इच्छा चेचक ,मलेरिया , टी. बी , पोलियो बीमारियों के कीटाणु की तरह फिर से सक्रीय हो सकते है !
३)     यह आलस्य और शर्म के सिद्धांत पर है , आपने पोस्ट के हर पैरा के बाद , या बीच बीच में अपना नाम लिख सकते है, बड़े से बड़ा बेशर्म भी जस का तस नहीं छपेगा , और आलस्य उसे इस पर लिखे हुऐ आपके को हटाने से रोकेगा, मतलब आपका पोस्ट सुरक्षित है !!
४)     क्लिष्टता का सिद्धांत : यह सिद्धान्त उन लोगों के लिये ज्यादा मुफ़ीद है जो लिखने के साथ-साथ अपने ज्ञान का बोझा भी ढोते हैं। मतलब लिखते समय ऐसे ऐसे शब्दों का प्रयोग करे जो आम जन के सर के ऊपर से गुजर जाय ! हम जैसे लोग ये कर सकते है की जैसा बोलते है वैसा लिखे, एक भी उच्चारण सही नहीं होने से चोरी भी नहीं होगा और आत्मसंतुष्टि भी रहेगी की जो आप बोलते हो वो करते भले न हो ! वो लिखने की तो प्रगति कर ली है !!!
५)    इधर-उधर, यहां -वहां का सिद्धान्त :  आप प्रयास करें कि आप अपनी सरल से सरल बात किसी के भी यहां तक कि आपके भी समझ में न आये। इसके लिये तमाम उपाय हैं। आप एक बात को तीन-चार बार पांच-छह तरीके से लिखें। हिंदी के बीच में गलत अंग्रेजी लिखें। लोग अमेरिकन अंदाज में आपके पोस्ट  को ओह क्या कूड़ा है’(व्हाट अ रबिश) कहकर आगे बढ़ लेंगे। चोरी जैसी बात तो सोचना भी दूर की बात है !!!!!



No comments:

Post a Comment