Friday, 10 May 2013

सपनो का राजकुमार



हर लड़की के जीवन पति के रूप में एक सपनो का राजकुमार होता है ,ऐसा कोई इंसान असल में सिर्फ सपनो में ही हो भी सकता है , ये पूर्णतः काल्पनिक होता है बस दीखता आदमी जैसा है ! फिर पेरेंट्स एक लड़के को पकड कर उसे सपनो का राजकुमार बता देते है लड़किया तो भोली होती ही है, दो हाथ ,पैर ,आँख ,कान एक नाक, मुह देखकर बाकि चीजे इमेजिन करके  दोस्तों के कहे अनुसार उसे लाइफ का परफेक्ट मैंन मान लेती है , अब परफेक्ट तो मर्यादा पुरषोत्तम राम न हुए तो आदमी की क्या बिसात है !


फिर जो पति होता है उसका तो भगवान ही मालिक होता है !

लड़कियों को तो अपने पति को समझने वाला साफ्टवेअर भगवान ने ही इंस्टोल करके भेजा है, वो पूरा टाइम पति को समझने में लगाती है और लडको में समझने लायक कुछ होता नहीं , आखिर लड़कियों को लगता है की वो अपने पति को समझ नहीं पा रही !!

लडको के पास होता है तो बस प्यार वो भी इतना की एक साथ तीन लड़कियों से लड़के सच्चा वाला प्यार कर सकते है ! पति बन के बेचारा सोचता रह जाता है की शुरू कहा से करे एक तो पूरी बात उसे बताया नहीं जाता अगर कुछ समझ जाता है उसे आउट डेटेड घोषित कर बदल दिया जाता है , खुद को बदलते बदलते बन्दा इतना बदल जाता है उसे याद नहीं रहता शुरू में क्या था फैनली कुछ नहीं बचता और खुद में ही बिलीन होके रह जाता है !

जो पत्नी को थोडा भी समझ जाता है हलाकि ये कभी कभी ही हो पता है ! पति परमेश्वर कहलाता है , पत्नी उसके चरण में होती है ! जबकि बेचारा पति तो पत्नी को चरण से थोडा ऊपर रखना चाहता है , दिल में यार !!!

और दिल में इंटर करवाने के लिए शोपिंग माल्स की बड़ी बड़ी बिल भरने पड़ सकते है ! यानि दिल का रास्ता तो बैंक बैलेंस की गलियों से होकर ही गुजरता है ! अक्सर ये गलिया चिकनी हो जाती है और  बन्दा मुह के बल गिरता है और बाकि बचा जीवन वही पत्नी के चरण में बिताता है ! 


मेरी राय में पत्नी की जगह शुरू से सर पर होनी चाहिए ! इसे ये भेजे के ऊपर रहेगी और सर पर बैठ कर कम से कम सर तो नहीं खायगी !!

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