नेता दो शब्दों के मेल से बना है "ने " और "ता
" , नेता जी कार्यालय , सभा , उद्घाटन में बहुत व्यस्त रहते है , इस व्यस्तता में एक बार नेता जी का "ता " कही गुम हो गया ,नेता जी को पता भी नहीं चला वो तो उनकी सेक्रेटरी ने बताया सर आपका "ता ' कही गुम हो गया है
'ने' मतलब नेतृत्व और 'ता' मतलब नेतृत्व की क्षमता , नेता जी को एस बात की बहुत चिंता हुई वो बहुत चिल्लाये ये बिरोधियो की साजिश है , इसमे विदेशी शक्तियों का हाथ है , पर क्षमता न हो तो सुनता कोंन है , पार्टी आला कमान ने सी . आई . डी , सी बी आई , रॉ सब लगाये पर 'ता नहीं मिला ............
अख़बार , मीडिया हर जगह हंगामा होने लगा बिना 'ता ' के नेता कैसे ? नेता जी बहुत सर्मिन्दा हुए , अगर वो जनता के पास जाते तो जनता अपना "ता " दे देती , अगर वो जनता के पास गए नहीं , आखिर बंद कमरे में जूता का "ता' काट लगा लिया , हलाकि इससे नेता के व्यक्तित्व से बदबू आने लगी , पर नेता के पास फिर से क्षमता आगयी , आला कमान ने कहा हमारे नेता मिल गए , पार्टी अभी कोई बदलाव नहीं चाहती
'ने' मतलब नेतृत्व और 'ता' मतलब नेतृत्व की क्षमता , नेता जी को एस बात की बहुत चिंता हुई वो बहुत चिल्लाये ये बिरोधियो की साजिश है , इसमे विदेशी शक्तियों का हाथ है , पर क्षमता न हो तो सुनता कोंन है , पार्टी आला कमान ने सी . आई . डी , सी बी आई , रॉ सब लगाये पर 'ता नहीं मिला ............
अख़बार , मीडिया हर जगह हंगामा होने लगा बिना 'ता ' के नेता कैसे ? नेता जी बहुत सर्मिन्दा हुए , अगर वो जनता के पास जाते तो जनता अपना "ता " दे देती , अगर वो जनता के पास गए नहीं , आखिर बंद कमरे में जूता का "ता' काट लगा लिया , हलाकि इससे नेता के व्यक्तित्व से बदबू आने लगी , पर नेता के पास फिर से क्षमता आगयी , आला कमान ने कहा हमारे नेता मिल गए , पार्टी अभी कोई बदलाव नहीं चाहती
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