कुछ
खास दोस्तों ने इस बार मैट्रिक – इंटर का एक्साम दिया है , उम्र में उससे बहुत
सिनिअर होने के कारण मेरा कुछ खास सलाह देना तो बनता ही है –
अपना
कॉलेज
चुनने से पहले जान तो ले की गर्लफ्रेंड किस कॉलेज में जा रही है , वो कौन सा
सब्जेक्ट ले रही है , अब कॉपियों के पीछे तीर वाला दिल बना उसका नाम लिखने के दिन
गए। अपनी रणनीति में बदलाव लाओ।पहले अपना हुलिया सुधारो। दर्जी से पैंटें सिलवाना बंद
करो, रेडीमेड
लाओ।
बरबादी के जिस सफर पर
आप निकले हैं उस राह में हाइवे आ चुका है।
आप गाड़ी को चौथे गीयर में डाल ही दो।
नहीं तो मेरी कहनी भी सुन लो ....
..
५ साल स्कूल में साथ गुजारे , उसी मास्टर से ट्यूशन पढ़ी जहां
वो जाती थी। कि घंटा और पास रहेंगे,
स्टेंड में खड़ी उसकी साइकल को भी बड़ी हसरत भरी निगाहों से देखते की काश इसकी चैन
उतर जाय , और मुझे चैन चढाने का चांस मिले जाय तो कुछ तो चैन मिले !!
सारे
दोस्त जान गए , उसे भाभी –भाभी भी कहने लगे , पर जिसे जानना था वो नहीं जान पाई
क्योकि मुझे जो कहना था कभी कह ही नहीं पाए !!
एक
रोज उसके हाथो में अंगूठी दिखी , मैंने सोचा केरियर की बेहतरी के लिए पुखराज पहना
होगा , पर दिल घबराया भी की आखिर पुखराज पहनने पर उसकी सहेलिया बधाई क्यों दे रही
है , तभी एक दोस्त ने बताया की हमारी भाभी अब तुम्हारी भी भाभी बनने जा रही है ,
उसके माँ बाप ने उसका रिश्ता पक्का कर दिया है !!
खैर
मेरी छोरो नयी सुरुआत करने वालो को शुभकामना !!!!!!!!!!!!!!
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