गाय
को माता का दर्ज़ा दिया जाता है,ठीक है मगर भैस को राक्षस कुल का बता कर अपमानित
किया जाना ये मुझे बुरा लगता है आखिर भैस का भी दूध पिया है हमने !!
किसी
भैस को २ मिनट देखिये पता नहीं किस हिसाब से राक्षस कुल का कहा जाता है ,इसकी झील सी गहरी आँखों में मशुमियत छलकती है साहब,
इसमे कई मृगनयनी पानी भारती नज़र आयगी!
इसकी
सुन्दर गोल घूमी हुई सिंग गाय के मुकाबले
किसी हिसाब से खतरनाक नहीं दिखती !
अपनी
ताकत का जरा भी गुमान किये बिना मदमस्त चाल में अपने पीठ पर खेलते बच्चे को लिए
अपने धुन में चलती रहती है , मनो माँ अपने बच्चे को गोद पर लिए हो !! मजाल है जो
किसी ने भी गाय के पीठ पर किसी तो बैठा देखा हो !!
सिर्फ
काले रंग के कारण राक्षस बताना कहाँ तक उचित है , माँ नहीं तो कम से कम चाची (ताई
) का दर्जा तो भैस को भी मिलना ही चाहिए !!!!!!!!!
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