औरत को देवी का रूप समझा जाता है !मेरे दिमाग में विचार आया
की इस हिसाब से पत्नी को किस देवी के
सामान(आस – पास) समझा जाना चाहिए !
माँ दुर्गा :- कह
सकते है मगर दुर्गा तो भगवती का उग्र रूप है , औरत तो ममता की सागर है , उग्र रूप
में समझना अनुचित होगा !!
माता काली :- सरीफ पति ये सोच सकता है , रंग फेक्टर के कारण
अगर कहने की गलती करेगा तो पत्नी को उसी रूप में पायगा जिसमे माँ काली को जनता है,
बस भगवन शंकर के जगह खुद होगा !!
सरस्वती माता :- ये ज्ञान की देवी है , पत्नी और ज्ञान ये
तो ज्ञान का भी अपमान होगा !
लक्ष्मी देवी : - पत्नी तो लक्ष्मी यानि धन की पैदासी
दुश्मन होती है इस रूप में देखना तो लक्ष्मी के साथ बेईमानी होगी !
मैया पार्वती :- ये सटीक बैठती है ! इसलिए शायद गौरा मैया
को पत्नी वाला डिपार्टमेंट भी दिया गया है !! मगर सोचने बाली बात ये भी है की
पार्वती विनाश के देव महादेव की पत्नी है !!!!
यानी कांक्लुजन ये
निकलता है :- पत्नी = जो विनाश के करीब हो
!!!!!! या फिर पत्नी को श्री देवी के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा !!!!!!!!!!!!!!
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